जेनेरिक आधार राज्य में अपने पहले एक्सक्लुज़िव स्टोर के साथ मध्यप्रदेश के जबलपुर पहुंचा

जबलपुर दर्पण। वर्षीय अर्जुन देशपाण्डे की जेनेरिक आधार, तेज़ी से विकसित होती भारतीय फार्मा कंपनी है, जिसने सालीवाड़ा, रजुल गार्डन सिटी के आगे, गौर तिराहा बरेला रोड के पास, जबलपुर सिटी में अपने एक्सक्लुज़िव रीटेल फ्रैंचाइज़ मेडिकल स्टोर की शुरूआत की है। कुछ समय पहले दुनिया धीरे-धीरे कोरोना वायरस महामारी से उबर रही थी, किंतु अब हालात बदल गए हैं, और देश में कोविड संकट पहले से कहीं अधिक गहरा हो गया है। बहुत से लोगों को सिर्फ इसलिए अपनी जांन गंवानी पड़ी, क्योंकि उन्हें ज़रूरी चिकित्सा सुविधाएं जैसे आॅक्सीजन सिलिंडर, एम्बुलेन्स, दवाएं और इंजेक्शन आदि समय पर नहीं मिल पाए। इन सभी सुविधाओं की मांग बहुत ज़्यादा बढ़ गई है और आपूर्ति सीमित है। ऐसे में जेनेरिक आधार जीवन रक्षक दवाओं पर सबसे ज़्यादा छूट दे रहा है। कंपनी ने जबलपुर में 500 से अधिक स्टोर और मध्यप्रदेश राज्य में कई ओर स्टोर खोलने की का वादा किया है।
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जेनेरिक आधार ने जीवन रक्षक ‘रेमडेसिविर इंजेक्शन’ मुफ्त वितरित किया, जबकि कुछ लोग इस मुश्किल घड़ी में भी पैसा कमाने में जुटे थे। यह युवा संस्थापक यहीं पर नहीं रूके, उन्होंने महराष्ट्र के उन पुलिस कर्मचारियों एवं फ्रंटलाईन कोविड योद्धाओं को ‘मुफ्त फस्र्ट एड किट’ भी बांटी, जो गर्मी के बीच चैबीसों घण्टे काम कर रहे थे और शहर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए जुटे थे।
जेनेरिक आधार एक फार्मा वेंचर है जो दवाओं पर अधिकतम 80-90 फीसदी छूट देता है, जिससे जबलपुर के लोग लाभान्वित हो रहे हैं और उन्हें जीवन रक्षक दवाओं पर सीमित राशि खर्च करनी पड़ रही है। ऐसे में इस मुश्किल संकट के बीच जेनेरिक आधार आम आदमी के मासिक बजट के लिए मददगार साबित हो रहा है।
आंकड़ों की बात करें, तो तकरीबन 60 फीसदी भारतीय अपनी रोज़मर्रा की दवाएं खरीदने में सक्षम नहीं हैं। उनका मानना है कि देश के पारम्परिक फार्मा उद्योग में बदलाव लाना समय की मांग है और आज संकट के इस दौर में वे लोगों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। इस युवा संस्थापक एवं ग्लोबल आइकन के वेंचर तथा उनके द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच अभियानों ने श्री रतन टाटा सर का ध्यान भी आकर्षित किया। जिन्होंने उनसे प्रभावित होकर उनके इस दृष्टिकोण को समर्थनप्रदान किया, ताकि यह आधुनिक फार्मा वेंचर भारत के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना जारी रख सके। अब वे इसी मिशन की दिशा में कार्यरत हैं।
जेनेरिक आधार के संस्थापक श्री अर्जुन देशपाण्डे ने जबलपुर स्टोर के वर्चुअल उद्घाटन के दौरान कहा,‘‘हम देश भर में अपने फ्रैंचाइज़ स्टोर्स के माध्यम से उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराकर नौकरियों के सृजन पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं, जबलपुर के लोगों को अच्छी गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। हमें खुशी है कि हम भारत के राज्य मध्यप्रदेश के लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान कर पा रहे हैं। मैं वादा करता हूं कि अगले कुछ महीनों में हम शहर में 500 से अधिक स्टोर खोलेंगे। अच्छी गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं बेहद कारगर होती हैं, क्योंकि वे अनुमोदित दवाएं हैं। कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है। साथ ही इसने हमंे यह सबक भी दिया है कि ‘‘स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी सम्पत्ति है’’ …उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा।
जेनेरिक आधार मास्टर फ्रैंचाइज़ जबलपुर सिटी श्री आशीष कुमार लाल ने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि मुझे जेनेरिक आधार की इस आधुनिक परियोजना के साथ जुड़ने का मौका मिला है और इसके लिए उद्यमी के रूप में काम करना मेरे लिए खुशी की बात है। श्री अर्जुन देशपाण्डे सर, जो मौजूदा मेडिकल स्टोर मालिकों एवं नए उद्यमियों को कई अवसर प्रदान कर रहे हैं, इतनी कम उम्र में उनके ये प्रयास अपने आप में सराहनीय एवं उल्लेखनीय हैं। भगवान ने हमें जेनेरिक आधार के पहले एक्सक्लुज़िव फ्रैंचाइज़ मेडिकल स्टोर के माध्यम से जबलपुर शहर के स्थानीय लोगों की मदद का मौका प्रदान किया है। निश्चित रूप से यह विचार सभी भारतीयों तक पहुंचेगा। देश की तेज़ी से विकसित होती फार्मा कंपनी जेनेरिक आधार के साथ जुड़ते हुए आज मुझे बेहद गर्व का अनुभव हो रहा है।’’
हमारे बारे मेंः हर भारतीय तक दवाएं पहुंचाने के एकमात्र मिशन के साथ 16 वर्षीय इस युवा ने फार्मा उद्योग के साथ जुड़ने का सपना देखा। इतनी छोटी सी उम्र में श्री अर्जुन देशपाण्डे, इस आधुनिक उद्यम जेनेरिक आधार को स्थापित करने वाले भारत के सबसे युवा उद्यमी हैं। भारतीय फार्मास्युटिकल बाज़ार में दवाओं की कीमतें बहुत अधिक हैं। बाज़ार में मौजूद तकरीबन 85-90 फीसदी दवाएं जेनेरिक हैं। उपभोक्ता को इन जेनेरिक दवाओं के लिए ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ती है क्योंकि इनके विपणन एवं ब्राण्डिंग तथा प्रचार गतिविधियों के परिणामस्वरूप दवाओं की लागत बढ़ जाती है। यह कीमत अंतिम उपभोक्ता को चुकानी पड़ती है। जेनेरिक आधार बी2बी और बी2सी माॅडल पर काम करता है। हम मेडिकल स्टोर्स के एकीकरण द्वारा देश में फ्रैंचाइज़ नियुक्त कर रहे हैं, भारत में पारम्परिक फार्मा बाज़ार भारी प्रतिस्पर्धा के चलते बुरी स्थिति में है। ऐसे में हम फ्रैंचाइज़ मालिकों एवं उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए तत्पर हैं।



