सरकार का संक्रमण काल में युवाओं के साथ धोखा?
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्त टीकाराम कोष्टा ने कहा कि पूरे देश में 1 मई से टीकाकरण का तीसरा चरण शुरू हो रहा है फिर मध्य प्रदेश के युवाओं के साथ प्रदेश की शिवराज सरकार ने संक्रमण काल में धोखा क्यों ? 18+ युवाओं को यकायक वैक्सीन नहीं लगाने के केंद्र व राज्य सरकार के फैसले को महज़ एक संयोग न मानते हुए एक सोची समझी प्रायोजित आपराधिक साजिश करार दिया है, जो 29 अप्रैल मतदान दिवस पर युवाओं के वोट हासिल करने के लिए रची गई थी! लिहाज़ा, प्रधानमंत्री और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान राष्ट्र व राज्य के युवाओं के साथ किये गए इस छल को लेकर सार्वजनिक माफी मांगे। कोष्टा ने अपने इस आरोप को स्पष्ट करते हुए कहा कि क्या कारण था कि पहले राष्ट्र के नाम अपने प्रसारण में प्रधानमंत्री ने 1 मई से 18+ को पूरे देश में वैक्सीन लगाने की जोरशोर से घोषणा की, 28 अप्रैल से इसके पंजीयन का बड़े-बड़े विज्ञापनों/प्रसारणों के माध्यम से ढिंढोरा पीटा गया और 29 अप्रैल को देश के कुछ राज्यों में मतदान के अंतिम दिन का मतदान समाप्त होते ही नाटकीय तरीकों से इस “बहुप्रचारित वैक्सीन महोत्सव” की हवा निकाल दी गई! ऐसा क्यों व किस लिए किया गया? केंद्र-राज्य सरकारों को वास्तविक खुलासा करना चाहिए?
कोष्टा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारों के पास अस्पतालों,बेड, ऑक्सीजन,इंजेक्शन रेमडेसिविर,टोसी सहित पर्याप्त दवाइयां व अन्य उपकरणोँ के साथ वैक्सीन की भी पर्याप्त उपलब्धता है ही नहीं! यदि नहीं है तो “शाब्दिक जुमलों के झूठे तीर” क्यों चलाये जा रहे हैं? इन्हीं असफलताओं के कारण इन सरकारों द्वारा वास्तविक मौतों के आंकड़ें भी छुपाए जा रहे हैं! उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री -मुख्यमंत्री इस नाज़ुक दौर में भी देश-प्रदेश के युवाओं के स्वास्थ्य के साथ किये गए इस आपराधिक छल को लेकर पूरे देश/प्रदेश से माफी मांगे।



