लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका में हिंदी पत्रकारिता का राष्ट्र के निर्माण में अतुलनीय योगदान रहा हैःएडवोकेट राजेश गौतम

मैहर। राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ एडवोकेट राजेश गौतम ने हिंदी पत्रकारिता दिवस पर सभी पत्रकार साथियों को बधाई संदेश देते हुए कहा कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की पहचान होती है।विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में हिंदी पत्रकारिता मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।उन्होंने आंगे कहा की हिंदी पत्रकारिता दिवस 30 मई को मनाया जाता है क्यूँकि इसी दिन कोलकाता में एडवोकेट पंडित युगल किशोर शुक्ला ने सन 1826 में प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड का प्रकाशन आरंभ किया था। तब से लेकर आज तक हिंदी पत्रकारिता ने हर एक क्षेत्र में अनगिनत उपलब्धियाँ हासिल की हैं।देश के स्वतंत्रता संग्राम में भी हिंदी पत्रकारिता की भूमिका महत्त्वपूर्ण रही है जो की स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है।आंगे श्री गौतम ने कहा की वर्तमान में भी जहाँ आधुनिक वेब मीडिया का दौर चल रहा है,उसके बावजूद भी हिंदी पत्रकारिता ने ना सिर्फ स्वयं को प्रसांगिक बनाए रखा हुआ है।बल्कि पहले से भी कहीं अधिक प्रभावशाली होकर उभरी है एवं लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में हिंदी पत्रकारिता देश की राजनीतिक आर्थिक सामाजिक,सांस्कृतिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।एवं वर्तमान में भी देश में फैली महामारी कोविड19 के समय में भी हिंदी पत्रकारिता एवं हमारे पत्रकार साथियों ने अपनी जान गंवा कर भी अपना अमूल्य योगदान दिया है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।



