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गर्मी के आगाज से पानी के लिए भटक रहे लोग

जंगल में पनहा नाला से लाते हैं पीने का पानी, दूषित पानी पीने से संक्रमण का खतरा

लोगों का कहना गांव में दस हैंडपंप में से एक चालू बाकी बंद

तेन्दूखेड़ा। तहसील मुख्यालय से 13 किमी दूर जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इमलीडोल में ग्रामीण गांव से दो न किमी दूर जाने जोखिम में डालकर पनहा नाला से पानी लाने मजबूर हैं गांव में लगे लगभग 10 हैंडपंपों में से सिर्फ एक हैंडपंप ही पानी दे रहा है बाकी हैंडपंप बंद या बिगडे है बताया गया है कि इस ग्राम की जनसंख्या लगभग 700 के करीब है जिसमें 250 परिवार निवास करते हैं ग्रामीणों का आरोप है कि पीएचई विभाग के अधिकारी इस गांव की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे ग्रामीण परेशान हैं
इस ग्राम पंचायत के ग्वारी मोहल्ले के लोग पानी के लिए परेशान हैं ग्रामीणों का कहना है कि इस मोहल्ले में एक भी हैंडपंप चालू नहीं है यहां के गुड्डा प्रसाद यादव सविता यादव प्रकाश यादव ने बताया कि पानी की समस्या मार्च के शुरू होते ही गंभीर हो गई थी गांव के लोग पानी के लिए दिन रात मशक्कत कर रहे हैं उन्होंने बताया कि सुबह पांच बजे से उठकर पानी की व्यवस्था में लग जाते हैं वहीं कुछ लोगों ने बताया कि वह देर रात तक पानी का इंतजाम करने में लगे रहते हैं वहीं पानी के लिए पालतू मवेशियों की प्यास बुझाना लोगों के लिए कठिन बना हुआ है बताया गया है कि लोगों ने जलसंकट शुरू होते ही अपने पालतू मवेशियों को खोले में छोड़ दिया जाता है
सिर्फ एक हैंडपंप उपयोगी गांव की आबादी को देखते एक हैंडपंप नाकाफी है लेकिन पानी की परेशानी के दौरान भी यह एक हैंडपंप ग्रामीणों के लिए उपयोगी है हैंडपंप पर चौबीस घंटे लोगों की भीड़ जमा रहती है और पानी के लिए नंबर लगे रहते हैं देखा गया है कि रात में अपना नंबर आने के इंतजार में लोगों को यही रात गुजारनी पड़ती है गांव के आसपास खेतों में जो कुएं है वह सूख चुके हैं बताया गया है कि पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से यहां जलस्तर कम है
दूषित हो पी रहे
गांव से करीब एक से दो किमी दूर जंगल में पहाड़ी से लगभग 300 मीटर नीचे गहराई में पनहा नाला है जो जलसंकट के चलते इमलीडोल के ग्रामीण इस नाला का दूषित पानी से अपनी जलापूर्ति करने के लिए मजबूर हैं गांव के लोग पैदल रात हो या दिन यहां पहुचकर पानी ढ़ो रहे है गांव के लोगों का कहना है कि पीएचई विभाग के अधिकारियों से इस समस्या को लेकर कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई उन्होंने बताया कि जलसंकट को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों तक हम गांव के लोगों ने गुहार लगाई गई लेकिन इसका नतीजा भी सिफर रहा
दूषित पानी से संक्रमण का खतरा
गांव की पूरी आबादी को नाले का दूषित पानी सेवन करना पड़ रहा है जिसकी वजह से यहां के लोगों को गर्मी शुरू होने के दिनों में संक्रमण तेजी से फैलने का भी खतरा बना रहता है
ग्रामीणों में आक्रोश
पानी की व्यवस्था गांव के पर्याप्त न होने के कारण गांव के लोगों म़े जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति काफी आक्रोश है ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा सिर्फ आश्वासन दिए गए लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर जंगल में सैंकड़ों फीट गहराई से नाले का दूषित पानी पीना पड़ रहा है

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