साहित्य दर्पण

विश्व युवा कौशल विकास दिवस 2021 का विश्लेषण

भारत आज 135 करोड़ की विशाल जनसंख्या वाला परिवार है और उसमें भी युवाओं की संख्या अधिक है फिर भी आंकड़ों का गणित है कि भारत में बेरोजगारी अधिक है। जीडीपी दर प्रतिव्यक्ति आय, इत्यादि अनेक अर्थशास्त्रीय आंकड़े पूर्णविकसित देशों की अपेक्षा भारत में बहुत कम है और भारत विकासशील देशों की श्रेणी में आता है ऐसा अर्थशास्त्र में हम पढ़ते सुनते हैं। अभी 15 जुलाई 2021 को हम सब भारत वासियों ने विश्व केसाथ मिलकर विश्व युवा कौशलविकास दिवस 2021, रिमेनिंग यूथ स्किल्स पोस्ट पैडेमिक इस थीम के साथ मनाए जो कि हर साल अलग-अलग थीम पर मनाया जाता है।…साथियों बात अगर हम विश्व युवा कौशल विकास दिवस भारत में मनाने की करें तो हम सब 135 करोड़ भारतीयों को इसे मनाने के साथ-साथ इसके क्रियान्वयन पर अधिक बल देना चाहिए। क्योंकि भारत की मिट्टी और संस्कारों से हमें कौशल गॉड गिफ्ट में मिला है। बस !!! जरूरत है इसे क्रियान्वयन करने की… साथियों हम इतनी विशाल जनसंख्या में हैं, मेरा निजी मानना है कि हर व्यक्ति के पास किसी न किसी रूप में अपने आप में एक कौशल, एक तकनीकी समाई हुई है, बस जरूरत है उसे पहचान कर, कुछ ट्रेनिंग लेकर उसे क्रियान्वयन करने की।…बस क्या बात है!!! ऐसा अगर हमारे सभी भारतीय साथियों ने संकल्प कर लिया तो कोई बेरोजगार नहीं रहेगी और हर युवा साथियों के पास अपने कौशल के माध्यम से एक रोजगार होगा। जिसका भारत पर ही नहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान, सहयोग व साथ होगा। भारत की प्रतिष्ठा में चार चांद लग जाएंगे।भारत की अर्थव्यवस्था को हम पांच क्या 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा सकते हैं। बस!!! जरूरत है अपने कौशल को क्रियान्वयन करने की।…साथियों बात अगर हम हमारी सोच की करें तो अधिकतम हमारे साथी रोजगार या जॉब को तलाश करने में रहकर,अपना समय गवां देते हैं जबकि सरकार ने 2015 से राष्ट्रीय कौशल विकास निगम बनाया है राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा दिनांक 01.07.2015 को अनुमोदित किया गया था, और माननीय पीएम द्वारा विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर दिनांक 15.07.2015 को इसे आधिकारिक रूप से प्रारम्भ किया गया था। इस मिशन को कौशल प्रशिक्षण गतिविधियों के संदर्भ में क्षेत्रों और राज्यों में अभिसरण बनाने के लिए विकसित किया गया है। इसके अलावा, कुशल भारतके दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए, राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन न केवल कौशल प्रयासों को समेकित और समन्वित करेगा, बल्कि गति और मानकों के साथ कौशलीकरण प्राप्त करने के लिए सभी क्षेत्रों में निर्णय लेने में तेजी लाएगा। इसे कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) द्वारा संचालित एक सुव्यवस्थित संस्थागत तंत्र के माध्यम से लागू किया जाएगा। मिशन के समग्र उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में कार्य करने के लिए प्रारम्भ में सात उप-मिशन प्रस्तावित किए गए हैं। जो इस प्रकार हैं,(i) संस्थागत प्रशिक्षण, (ii) अवसंरचना, (iii) अभिसरण, (iv) प्रशिक्षक (v) समुद्रपारीय रोजगार (vi) सतत आजीविका (vii) सार्वजनिक अवसंरचनाका उत्थान राष्ट्रीय कौशल विकास निगम द्वारा किये गए एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2023 तक भारत के श्रमबल में 15-59 वर्ष की कार्यशील-आयु के 7 करोड़ अतिरिक्त व्यक्तियों के प्रवेश करने की उम्मीद है। जिनमें से 84.3 प्रतिशत व्यक्ति 15-30 आयु वर्ग के होंगे। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम भारत की ऐसी पहली और एकमात्र संस्था है जिसका मूल उद्देश्य कौशल विकास है और जो निजी तथा सरकारी साझेदारी में काम करने वाली इकाई है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम यह वित्त प्रदान कर उनके लिए उत्प्रेरक का कार्य करती है।…साथियों बात अगर हम भारत में इसको मनाने की करें तो 15 जुलाई 2021 को माननीय पीएम ने इस सम्मेलन को वर्चुअल संबोधित किया और कहानई पीढ़ी का कौशल विकास राष्ट्रीय आवश्यकता है और आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद है। कौशल का सम्मान हमारी संस्कृति का अंग है और समाज में कुशल कामगारों को उचितसम्मान मिले। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ के तहत 1.25 करोड़ से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। भारत विश्व को हुनरमंद और कुशल श्रम-शक्ति समाधान दे रहा है, जिसे हमारे युवाओं को कुशल बनाने के लिये रणनीति का अहम हिस्सा होना चाहिये महामारी के खिलाफ असरदार जंग में भारत की कुशल कामगार शक्ति ने मदद की है। युवाओं के स्किलिंग, री-स्किलिंग और अपस्किलिंग अभियान को निरंतर चलाया जाये। कमजोर वर्ग को कुशल बनाकर स्किल इंडिया मिशन डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर के स्वप्न को साकार कर रहा है। पीएम ने कहा है कि नई पीढ़ी का कौशल विकास राष्ट्रीय आवश्यकता और आत्मनिर्भर भारत की बुनियाद है, क्योंकि यही पीढ़ी हमारे गणराज्य को 75 वर्ष से 100 वर्ष तक लेजायेगी उन्होंने आह्वान किया कि पिछले छह वर्षों के दौरान जो भी अर्जित किया गया है, उससे लाभ उठाने के लिये स्किल इंडिया मिशन को गति देनी होगी।पीएम विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर बोल रहे थे। आज ये जरूरी है कि लर्निंग आपकी अर्निंग के साथ ही रुके नहीं। आज दुनिया में स्किल्स की इतनी डिमांड है कि जो स्किल्ड होगा वही ग्रो करेगा। ये बात व्यक्तियों पर भी लागू होती है और देश पर भी…। साथियों बात अगर हम विश्व युवा कौशल विकास दिवस 2021 की पृष्ठभूमि की करें तो, 18 दिसंबर 2014 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने सर्वसम्मति से श्रीलंका के नेतृत्व में एक प्रस्ताव अपनाया, और 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में घोषित किया। वैश्विक स्तर पर युवा कौशल विकास के महत्व को उजागर करने के लिए श्रीलंका ने G77 (77 देशों का समूह) और चीन की सहायता से इस संकल्प की शुरुआत की थी। अतः उपरोक्त पूरे विवरण का अगर हम अध्ययन कर उसका विश्लेषण करेंगे तो हम देखेंगे कि तकनीकी कौशल विकास के अस्त्र से बेरोजगारी आसानी से मिटाई जा सकती है और आत्मनिर्भर भारत की यह बुनियाद होगी और हर नागरिक अपने कौशल विकास का क्रियान्वयन करें तो भारत में बेरोजगारी जीरो होगी और आत्मनिर्भर भारत की एक सटीक बुनियादी होगी।

संकलनकर्ता-कर विशेषज्ञ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

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