रेपिस्ट शुभांग गोटिया की जमानत खारिज,5 हजार का ईनाम भी घोषित

जबलपुर। मांग में सिंदूर भर, शादी का झूठा वादा कर 3 साल तक एक युवती का शोषण करने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व पदाधिकारी शुभांग गोटिया की अंतरिम जमानत हाई कोर्ट से खारिज हो गई है न्यायमूर्ति अरुण कुमार शर्मा ने अंतरिम जमानत के आवेदन को खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर आरोपी को जमानत दी गई तो निश्चित रूप से पीड़िता को मानसिक यातना और कठिनाई का सामना करना पड़ेगा और समाज में प्रतिकूल संदेश फैल जाएगा लिहाजा इस गंभीरतम अपराध के लिए आरोपी को अंतरिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता आरोपी की ओर से जमानत का लाभ लेने के लिए कई फैक्ट प्रस्तुत किए गए अंतरिम जमानत के लिए करीब 45 मिनट तक बहस हुई लेकिन आरोपी के तमाम फैक्ट को अदालत ने दरकिनार कर दिया आरोपी की ओर से सीनियर एडवोकेट अनिल खरे ने तीखी बहस की और ऐसे फैक्ट रखे जिससे कि अंतरिम जमानत का लाभ मिल जाए लेकिन ऑब्जेक्टर के रूप में खड़े अधिवक्ता नवीन कुमार शुक्ला ने जो तर्क रखे उसके सामने सीनियर एडवोकेट अनिल खरे के तर्क बेअसर साबित हुए वही शासकीय अधिवक्ता ने भी जमानत का पुरजोर विरोध किया और सभी फैक्ट को देखते हुए अदालत ने जमानत खारिज कर दी। जमानत का लाभ लेने के लिए आरोपी की ओर से सीनियर एडवोकेट अनिल खरे ने तर्क दिया कि शुभांग गोटियां मासूम है और यह जो रिश्ता कायम किया गया था वह पीड़िता और आरोपी की ओर से आपसी सहमति से था पीड़िता बालिग है और सभी बातों को अच्छी तरह से जानती है और यह सब कुछ उसकी सहमति से ही हुआ है और आरोपी ने कभी शादी का वादा नहीं किया आरोपी जो कि एक विद्यार्थी है उसे अरेस्ट किया गया तो उसका भविष्य बर्बाद हो जाएगा साथ ही समाज में उसकी इज्जत भी खराब हो जाएगी लिहाजा उसको जमानत का लाभ दिया जाए सीनियर एडवोकेट के इस तर्क पर शासकीय अधिवक्ता दीपक भाटिया और ऑब्जेक्टर नवीन कुमार शुक्ला ने अपनी बहस में तर्क रखे की आरोपी ने मांग में सिंदूर भर के शादी का वादा करके पीड़िता का शोषण किया है इसको किसी भी तरह से अंतरिम जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए आरोपी ने ना केवल पीड़िता के साथ कई बार रेप किया बल्कि उसका गर्भपात भी कराया,ये बेहद गंभीर मामला है इसमें आरोपी के परिवार के लोग भी शामिल हैं पीड़िता के बयान भी सेक्शन 161 और 164 सीआरपीसी में दर्ज हुए हैं जो पूरी तरह से सिद्ध करते हैं कि आरोपी का कृत्य बेहद गंभीर है माननीय न्यायमूर्ति अरुण कुमार शर्मा ने बहस को सुनने के बाद कहा कि जो अपराध किया गया है वह बेहद गंभीर है इस अपराध में अंतरिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता और इसी के साथ जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया गया।
5000 का इनाम भी घोषित-आरोपी करीब डेढ़ महीने से फरार है इस बीच पुलिस की कई टीमें उसको पकड़ने में लगी हुई है पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा ने इस बीच आरोपी पर ₹5000 का इनाम भी घोषित कर दिया है साथ ही पुलिस अधीक्षक ने आरोपी को गिरफ्तार लेने के लिए स्पेशल टीम भी अपनी तरफ से लगाई है हालांकि अभी तक कोई भी सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी है लेकिन पुलिस का दावा है कि हम जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लेंगे, आपको बता दें कि इसके पहले भी पुलिस ने कई बार आरोपी के घर में दबिश दी है उसके पैतृक निवास में भी दबिश दी गई है लेकिन कोई भी सुराग नहीं लगा है अगर जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा और भी बड़ी कार्यवाही आरोपी के परिवार पर कर सकते हैं ऐसे संकेत मिल भी रहे हैं।
आखिर क्या था पूरा मामला-आरोपी पिछले 3 साल से युवती का शारीरिक शोषण कर रहा था। उसने युवती की मांग में सिंदूर भरकर बोला था कि हिंदू धर्म के मुताबिक वह उसकी पत्नी है। जब समाज के सामने शादी की बात आई तो बोला कि वो तो उसका ढोंग था। 23 वर्षीय पीड़िता से 2018 में उसकी मुलाकात राइट टाउन निवासी शुभांग गोटिया से हुई थी। शुभांग तब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का महानगर मंत्री हुआ करता था। उसने छात्रा को प्यार के झांसे में फंसाया और फिर एक दिन उसकी मांग में सिंदूर भरते हुए बोला कि हिंदू धर्म के मुताबिक आज से वे दोनों पति-पत्नी हैं।
छात्रा ने जबलपुर के महिला थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि जब वह जबलपुर से बाहर जा कर पढ़ाई कर रही थी, तो आरोपी भी वहां उससे मिलने जाता था। आरोपी ने कई स्थानों पर उसे घुमाने के बहाने ले जाकर शारीरिक शोषण करता रहा। जब भी छात्रा उससे शादी करने की बात करती तो बोलता कि हम तो शादी कर ही चुके हैं, बस समाज के सामने होनी है, वो भी हो जाएगी।
जनवरी में आरोपी शादी से मुकर गया-छात्रा ने आरोपी शुभांग से शादी करने की जिद पकड़ी तो वह जनवरी 2021 में साफ मुकर गया। छात्रा की उस समय जॉब भी लग चुकी थी। शुभांग के इस तरह धाेखा देने का सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाई। उसने जॉब तक छोड़ दिया। छात्रा ने जॉब छोड़ने और अपने साथ हुई आपबीती घरवालों को बताया तो तूफान मच गया। पिता ने बेटी का दर्द समझा और पीड़ित के पिता बड़ी उम्मीद लेकर शुभांग के पिता बिल्डर प्रदीप गोटिया के पास गया। बच्चों की गलती को लेकर बात की। कहा कि दोनों की शादी कर हम इस गलती को सुधार दें, लेकिन वे तो बेटी की इज्जत का ही सौदा करने लगे। बोले कि 10-12 लाख रुपए लेकर मामला सेटल कर लो, नहीं तो तुम्हारी बेटी को बदनाम कर देंगे। तुम्हें जहां शिकायत करनी हो, कर लो।
बेटी को लेकर पिता पहुंचा महिला थाने-छात्रा को लेकर पिता महिला थाने पहुंचा। वहां छात्रा ने महिला टीआई शबाना परवेज के सामने अपने कथन दर्ज कराए। सिंदूर भरने वाली फोटो और उनकी आपस में होने वाली बातचीत के रिकॉर्ड सुनाए। मामला भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी का था। टीआई ने अधिकारियों को प्रकरण संज्ञान में लाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ रेप का प्रकरण दर्ज हुआ।



