कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक पर दर्ज हो आपदा प्रबंधन गाइड लाइन उल्लंघन का मुकदमा : शिवसेना

नगर संवाददाता जबलपुर दर्पण। शिवसेना मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता पं कन्हैया तिवारी ने दो टूक शब्दो में कहा कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करना नागरिकों एवं शासकीय अधिकारियों की नैतिक ज़िम्मेदारी बनती हैं। यदि कोई भी भारत का नागरिक इसका उल्लंघन करते पाय जाता हैं तो उन सभी पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्यवाही होना चाहिये फिर वो आम नागरिक हो या सत्ता पक्ष के जन प्रति निधि हों या फिर मंत्री विधायक या फिर प्रशासनिक अधिकारी ही कियो न हो यदि कोई भी आपदा प्रबंधन के तहत दोषी पाया जाता हैं तो निश्चित ही कार्रवाई होना चाहिये कानून सबके लिए एक है। शिवसेना ने मान म प्र उच्च न्यायालय स्वयं संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करने की मांग की हैं। शिवसेना का आरोप कि दो विरोधा भाषी बातें हो रही हैं एक तरफ प्रशासन गणेशोत्सव के धार्मिक आयोजन में कोरोना गाइडलाइन का पालन करने निर्देशित कर रहा है और दूसरी तरफ प्रशासन गृहमंत्री की सभा के लिए भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के लिये स्वयं पंडाल बंधवा रहा है। क्या अब हजारों लोगों की जान ख़तरे में डालना उचित हैं। क्या इन सभी पर कानूनी कार्रवाई नहीं होना चाहिए,क्या कानून व्यवस्था बनाए रखने वालों को कानून की धज्जियां उड़ाने की खुली छूट प्राप्त हैं। इन पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिये,जानबूझकर इन्होंने आम जनता की जान को ख़तरे में डाला, और कठोर कार्रवाई इसलिए भी होना चाहिए कि इन्होंने भाजापा कार्यकर्ता को युवा संकल्प यात्रा और जन आशीर्वाद यात्रा निकालने पर ना ही रोका और ना ही कोई कार्रवाई की अर्थात नियम तोड़ने आप स्वयं प्रोत्साहित कर रहे हैं। मान म.प्र.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को हस्तक्षेप करने या उक्त घटना पर संज्ञान लेकर कठोर कार्यवाही या जवाब देही तय करने की जरूरत है। शिवसेना इसकी मांग करती है। दूसरा जब यह भाजपा का राजनैतिक एवं संगठन का कार्यक्रम है तो फिर पार्टी वाले व्यवस्था करें। शासन प्रशासन द्वारा जनता के खून-पसीने की कमाई का दुरुपयोग क्यों किया जा रहा हैं। लाखों करोड़ों की बरबादी बंद हो यह पार्टी फंड से खर्च किया जाए। अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की जान तो कोरोना संक्रमण से खतरे में डाल ही रहे हैं। परंतु इसके साथ-साथ इससे आम जनता की जान को जो खतरा उत्पन्न होगा उसका जवाबदार कौन होगा दुख तो इस बात का है कि विशेषज्ञों की चेतावनी के बावजूद भी भारत सरकार के गृह मंत्री अपने कार्यकर्ताओं और जनता की जान की कोई चिंता नहीं है। जबकि उन्हें अभी वर्तमान समय में ऐसे कोई भव्य आयोजन नहीं होने देना चाहिए यदि ऐसे आयोजन होते हैं। और वहाँ उनकी उपस्थिति रहती है। तो वह भी उसके जवाबदार होंगे और आने वाले समय में यदि जबलपुर में कोरोना के केस बढ़ते हैं तो यह कार्यक्रम ही जिम्मेदार होगा। इस आयोजन पर रोक लगाने की मांग करने वालों में पं कन्हैया तिवारी,रवि बैन,शैलेंद्र बारी,राकेश बारी,सुधीर ताम्रकार,भवानी शंकर सतनामी,भृगुनाथ पटेल, लल्लू साहू,ऋषिराज सोनी,सूरज माली,मोहन कुरील,राजेंद्र बावरिया,तरुण महावर,मुन्ना ठाकुर,सोनु गुप्ता,मुकेश पटेल,अमर देव यादव,रवि राज वर्मा, पुनीत दीक्षित, मनोज पासवान,कल्लू पटेल, रोशन आनंद, आशीष सोनकर,दीपक भारती,परम पटेल,राकेश सोनकर,रामु लड़िया इत्यादि शिवसैनिकों ने की है।



