जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जब नर्मदा नदी से खनन पर रोक, तो कैसे हो रहा अवैध उत्खनन..?

नंदकिशोर ठाकुर,डिंडोरी ब्यूरो। जिले से होकर गुजरने वाली नर्मदा नदी में वैसे तो रेत निकालना या नर्मदा नदी के आसपास के एरिया में खनन करना पूर्णता प्रतिबंधित होता है, बावजूद जिले भर में रेत माफिया नर्मदा नदी को छलनी करवाने से बाज नहीं आ रहे। गौरतलब है कि हर दिन, चोरी-छिपे अवैध रेत का काला कारोबार जिले भर विभागीय अमला की मिलीभगत से फल-फूल रहा है, जहां विभागीय कार्यवाही ना होने के चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बताया गया कि आए दिन रेत माफिया नर्मदा नदी को छलनी करवाते नजर आते हैं, जहां रेत माफिया सक्रिय होकर नर्मदा नदी से रेत निकलवाते हैं और बिना कीमत के निर्धारण किए ही मनमानी कीमतों पर रेत बेचते हुए नजर आते हैं। ताजा मामला पिछले दिनों मूसामुंडी गांव में सामने आया, जहां बेखौफ होकर माफिया रेत खनन कर धड़ल्ले से बेचते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि मूसामुंडी गांव के नदी किनारे लंबे समय से रेत का खनन किया जा रहा है, बेरोकटोक लम्बे समय से चल रहे रेत खनन मामले को लेकर विभागीय जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं, जिसे लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

मोटी कमीशन से चल रहा अवैध रेत का काला कारोबार – स्थानीय ग्रामीणों की माने तो अवैध रेत का काला कारोबार करने मैं जिले के कुछ कथित राजनीतिक नेता सक्रिय हैं, जो धड़ल्ले से अवैध रेत का काला कारोबार करवा रहे हैं, राजनीतिक रसूख के चलते विभागीय अधिकारी भी कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं। गौरतलब है कि जिले के बजाग, गाड़ासरई, करंजिया, समनापुर, शहपुरा सहित अन्य क्षेत्रों के कुछ कथित राजनीतिक लोग अवैध रेत खनन करवाने में लिप्त हैं, जिनका कारोबार क्षेत्र में लंबे समय से फल फूल रहा है। आरोप लगाया गया कि राजनीतिक रसूख के चलते रेत माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही भी नहीं हो रही, ठोस कार्रवाई न होने से रेत माफिया दिन रात चोरी-छिपे रेत खनन करने का काला कारोबार लंबे समय से कर रहे हैं। बताया गया की नर्मदा नदी के दर्जनों चिन्हित ठिकानों से प्रतिबंध के बाद भी धड़ल्ले से अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा है, जहां विभागीय अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही। बताया गया कि विभागीय अमला मोटी कमीशन लेकर काला कारोबार करवाने को बढ़ावा दे रहा है, जिससे अवैध खनन के मामले तेजी से बढ़ती जा रही है। लोगों ने रेत का काला कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।

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