रांझी थाने ने अंधी हत्या का किया खुलासा:आरोपी 24 घंटे मे हुआ गिरफ्तार

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता: रांझी थाने से मिली सूचना अनुसार जीसीएफ स्थित खण्डहर क्वाटर में एक व्यक्ति के मृत पडे होने की सूचना पर थाना प्रभारी रांझी विजय सिंह परस्ते पुलिस स्टाफ के साथ तत्काल घटना स्थल पहुंचे जहॉ श्रीमति प्रीति कुलमाली उम्र 34 वर्ष निवासी आजाद नगर गोकलपुर ने बताया, वे अपने पति के साथ प्रीति गारमेंट के नाम से दुकान चलाती है। उसके पति दिनॉक 29-9-21 को सुबह 11 बजे दुकान गये थे,वह दोपहर 1 बजे दुकान पहुंची लेकिन वैक्सीन लगने के कारण दुकान मे नहीं बैठी घर वापस आ गयी। रात्रि 8-30 बजे उसकी पति से बच्ची की दवा लाने के सम्बंध में बात हुई। उसके पति दीपक रात 8-30 बजे तक दुकान बंद कर घर वापस आ जाते थे, जो रात 9-30 बजे तक घर वापस नहीं आये, उसने पति को फोन किया तो पति का मोबाईल बंद आया,पति कई बार लेट घर आते थे इस कारण वह इंतजार कर रही थी किंतु सुबह 8-30 बजे तक पति घर वापस नहीं आये, जिन्हें खोजने के लिये घर से निकली तो देखी कि जीसीएफ खण्डहर क्वार्टर के पास उसकी दुकान मे उपयोग होने वाला थैला फटा हुआ पड़ा दिखा, पास जाकर देखा तो थैले में उसके पति का चार्जर और बच्ची की दवाई जो उसने मंगाई थी रखी थी, जिसे देखकर उसे आशंका हुई तो उसने अपने किरायेदार टंडन भैया को बुलाया, एवं उनके साथ जाकर खण्डहर क्वाटर मे देखा तो बिल्डिंग न. 319 के 1 नम्बर क्वाटर में उसके पति मृत पड़े हुये थे सिर में चोट है,आस-पास खून फैला हुआ है,किसी अज्ञात ने बडा पत्थर सिर पर पटककर उसके पति दीपक की हत्या कर दी है। डॉग स्म्वाड की उपस्थति में घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुये पंचनामा की कार्यवाही कर शव को पीएम के लिये भिजवाया एवं अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 302 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के मिले साक्ष्यों के आधार पर संदेही बंटी उर्फ ओमप्रकाश को अभिरक्षा में लेकर सघन पूछताछ की तो पाया गया कि बंटी की पत्नि पांच बहिन है उसमे से एक बहिन नंदा फूलमाली शिक्षिका है जो पहिले मृतक दीपक फूलमाली के साथ रहती थी किन्तु विवाद होने के बाद वह अपनी बहिन बबीता अर्थात बंटी उर्फ ओमप्रकाश सोमकुवर के पास आकर रहने लगी थी,नंदा फूलमाली ने करीब 8 लाख रुपये के सोने चादी के जेवर बबीता के पास रखे थे, माह जून में बबीता ने जेवर खोलकर देखा तो वह जेवर बेटेक्स के निकले थे नंदा को आशंका थी कि यह सब काम बबीता केे पति बंटी ओर उसके लडके सौरभ ने किया है तब वह बंटी का घर छोडकर फिर से दीपक के साथ रहने लगी थी, दीपक फूलमाली अपनी बहिन नंदा फूलमाली का साथ दे रहा था, इस बात से बंटी उर्फ ओमप्रकाश दीपक से रंजिश रखता था औेर उसने अपने लडके सौरभ फूलमाली के साथ मिलकर दीपक को जान से मारने की योजना बनाई, दीपक प्रतिदिन दुकान बंद करके रात 8-30 बजे खण्डर क्वार्टरो के पास सेे होते हुए पैदल घर वापिस आता था इस बात को जानते हुए बंटी दीपक की रैकी करने लगा तथा सौरभ खण्हर क्वार्टरो के पास जाकर छिप गया, जैसे ही दीपक दुकान बंद करके निकला तो बंटी ने फोन करके सौरभ को बताया, सौरभ अपने साथ एक अपचारी बालक को भी लाया था, जैसे ही दीपक खण्डहर क्वार्टरो के पास पहुचा तो सौरभ ओर बंटी उर्फ ओमप्रकाश ने दीपक को पकड लिया एवं सौरभ ने दीपक के सिर मे ईट मार दिया था ओैर गमझे से मुह व गर्दन को बांध दिया, फिर बंटी अैोर सौरभ तथा अपचारी बालक, तीनों दीपक फूलमाली को ढकेलते हुए खण्डहर क्वार्टरो तक ले गये और दीपक को पटक दिया तथा बंटी ने दीपक के पैर पकड लिये थे औेर सौरभ ने दीपक के सिर मे वही पडा कंक्रीट का बडा पत्थर उठाकर सिर पर पटक कर दीपक की हत्या कर दी और तीनों वहॉ से भाग गये। आरोपी सौरभ एवं अपचारी बालक को अभिरक्षा में लेते हुये तीनों को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर मान न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
अंधी हत्या का 24 घंटे के अंदर खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी रांझी विजय सिंह परस्ते, उप निरी राहुल काकोडिया, सहायक उप निरीक्षक नरेश मरावी, राजेश मिश्रा ,रामायण मिश्रा ,प्रधान आरक्षक पुष्पराज, रविन्द्र सोनी, आरक्षक अविनाश, रजनीश विवेक धुर्वे शरदधर की सराहनीय भूमिका रही।



