अतिक्रमण-कारियों से परेशान झलोंन निवासी, महामहिम से इच्छामृत्यु मांग कर सुर्खियों में आया था परिवार

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता राजेंद्र सिंह की रिपोर्ट। तेदुखेडा के ग्राम झलोंन में दो पट्रोल पम्प का विवाद प्रतिदिन नया मोड़ लेता जा रहा हैं। पेट्रोल पम्पो के विवाद से परेशान होकर सैकड़ो ग्रामीणों ने तेंदूखेड़ा आकर एसडीएम एवं पुलिस एसडीओपी को लिखित ज्ञापन दिया है। जिसमे मंगल छिदामी अहिरवार और रामशंकर रैकवार के अतिक्रमण हटाने के साथ उन पर कड़ी कार्यवाही करने की माग की हैं। ग्राम से आये सैकडो ग्रामीणों ने लिखित ज्ञापन दिया है। यदि अधिकारियों द्वारा सात दिवस के अंदर अतिक्रमण नही हटा एवं इन पर कार्यवाही नही हुई तो झलोंन ग्राम के सैकड़ो ग्रामीण मुख्य मार्ग पर धरना देगे एवं तीव्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी पूरी जबाबदारी शासन प्रशासन की होगी
महामहिम से इच्छा मृत्यु मांगने पर सुर्खियों में आया था परिवार यह है मामला। दमोह क्लेक्टर के निर्देश पर 21 सितम्बर को राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटाया गया था। उस समय एक महिला जिसका नाम दशोदा बाई रैकवार था। उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या करने की कोशिश की थी इलाज के लिए उसे तेंदूखेड़ा लाया गया था फिर उसे जबलपुर रिफर किया गया था। वहाँ से उक्त महिला अचानक गायब हो गई थी महिला के पति मंगल रैकवार ने उस समय महिला के अपहरण होने की बात कहते हुए नये पट्रोल पम्प के मालिक सिबांजय जैन एवं झलोंन सरपच उनके पुत्र और नायब तहसीलदार के साथ पुलिस पर आरोप लगाया था उसके बाद महिला पति के साथ वीडियो फुटेज में दिखाई दी फिर महिला द्वारा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया था और सिबांजय जैन से अपनी जान का खतरा बताया था। उनके बाद मंगल ने फिर उसी जमीन पर झोपड़ी बना ली जहा से उनका अतिक्रमण हटाया गया था उसके बाद तीन लोगों ने ओर शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया और सोमवार को मंगल फिर दमोह पहुचा ओर राष्ट्पति से इच्छा मृत्यु की मांग हेतु पत्र दिया इस बात को लेकर ग्राम के लोग भड़क गये
ग्रामीण बोले पूरी कहानी से झूठी है। झलोंन ग्राम के सैकड़ो लोग आज जनसुनवाई में पहले तेंदूखेड़ा एसडीएम कार्यालय आकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मांग रखी हैं। मुख्य मार्ग पर शासकीय भूमि पर मंगल रैकवार रामशंकर रैकवार और छिदामी रैकवार द्वारा जो शासकीय भूमि पर कब्जा किया गया हैं यदि वह नही हटाया गया तो पूरा ग्राम मुख्य मार्ग पर धरना अनशन पर बैठ जायेगा कि क्योकि मगल रैकवार द्वारा पूरे जिले में झलोंन का नाम बदनाम किया गया हैं। उसने अपहरण की जो कहानी बनाई हैं वह भी पूरी तरह से झूठी हैं मंगल की पत्नी का अपहरण ही नही हुआ पति पत्नी दोनों साथ मे एक ही बस से झलोंन में उतरते थे बाद में मंगल अपनी पत्नी को रात में ही मायके छोड़ आया था मंगल द्वारा पट्रोल पम्प मालिक सरपच के साथ ग्राम के लोगो को भी झूठे मामले में फंसने की धमकी देने लगा है जो गलत हैं। जबकि वह खुद
दूसरे ग्राम से आकर यहाँ रहने लगा है। मंगल रैकवार झलोंन ग्राम का मूल निवासी नही हैं बल्कि बासा ग्राम का हैं और झलोंन में दो तीन वर्ष पूर्व आकर रहने लगा हैं और पुलिस प्रशासन उनका कुछ नही कर पा रहा हैं। उसकी मनमानी के चलते पूरा गाँव परेशान है। यदि अब पुलिस प्रशासन उस पर कार्यवाही नही करेगा तो पूरा ग्राम धरने पर बैठ जायेगा,ग्राम के लोगो ने बताया उसकी पत्नी लोगो को झूठे मामलों में फंसने की आये दिन धमकी देती हैं यदि इस तरह मंगल रैकवार रामशंकर रैकवार ओर छिदामी अहिबाल की मनमानी चलती रही तो दूसरे समाज के लोग चैन से नही रह पाएंगे इसलिए हम सभी ग्रामीणों की माग है प्रशासन तत्काल मुख्य मार्ग पर जो इनके द्वारा जमीन पर कब्जा किया है उसे हटाया जाए और पुलिस तत्काल तीनों लोगों पर कार्रवाई करें
नायब तहसीलदार विकास जैन ने बताया-
ग्रामीणों द्वारा जो ज्ञापन दिया गया है उस पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी
वही तेंदूखेड़ा एसडीओपी अशोक चौरसिया ने बताया कि मामले की जांच चल रही है आज ग्रामीणों द्वारा जो ज्ञापन दिया गया है उसकी भी निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। पूरे प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी



