जुआफड़ के द्वारा मोक्ष की ओर जाते आशीष ठाकुर पुलिस की रेड में पहुँचे हवालात

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता। प्राइवेट बैंक से कारों एवं ट्रकों के फाइनेंस के सफर से आगे बड़कर मोक्ष संस्था के द्वारा लावरिश लाश का अंतिम संस्कार करने का जो क्रम था वह एक दम से कोरोना काल में सैकड़ों मृतकों का मुक्तिधाम में विधि विधान से अंतिम संस्कार करने के नाम पर 8 हजार से 10 हजार रुपये अपने गुर्गों के माध्यम से लेने वाला समाजसेवी आशीष ठाकुर तो जबलपुर शहर के जुआरियों,फड़बाज का मसीहा निकला। मोक्ष संस्था का संचालक आशीष ठाकुर लंबे समय से कर रहा था उसी की आड़ में 15 प्रतिशत की नाल इसके नाम से काट कर,मेडिकल क्षेत्र के कई ठिकानों में जुआरियों की महफिल सजा रहा था। चूकि मोक्ष संस्था के कारण अधिकारी वर्ग में एवं जबलपुर मेडिकल कालेज में इसकी अच्छी खासी पैठ है। आशीष ठाकुर द्वारा बड़े स्तर पर जुआ खिलाने की सूचना एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा को कई दिनों से मिल रही थी। रक्षित निरीक्षक सौरभ तिवारी के नेतृत्व में रात करीब 2 से 3 बजे के बीच पुलिस टीम ने जुआफड़ में छापा मारते हुए जुआरी सहित फड़बाज आशीष ठाकुर को दबोच लिया। पुलिस की योजनाबद्ध तरीके से दबिस के बावजूद कुछ जुआरी मौके से भागने में सफल हो गए, जिनकी तलाश सरगर्मी से की जा रही है। पुलिस ने मौके से 10 जुआरियों को जुआ खेलते हुए पकड़कर उनके कब्जे से 40 हजार 800 रुपए नगद, 2 कोरे चैक हस्ताक्षर युक्त,ताश के पत्ते एवं मोबाइल जब्त किए हैं। गढा पुलिस पकड़े गए जुआरी और फड़ संचालक आशीष ठाकुर से फरार जुआरियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। गढा पुलिस ने जानकारी दी है कि मोक्ष संस्था का कर्ताधर्ता आशीष ठाकुर मेडिकल क्षेत्र बापू कॉलोनी स्थित क्वार्टर के गार्डन में पंडाल लगाकर जुआफड़ का संचालन कर रहा था। पंडाल में जुआ की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर छापामार कार्रवाई की। पुलिस रेड में मौके से आशीष ठाकुर,अनिल लोधी,हिमांशु सिंह,हर्ष श्रीवास,अजय लोधी, तरूण सिन्हा,ठाकुर अप्पी सिंह,सोनू विश्वकर्मा,विनय तिवारी, जितेंद्र ठाकुर और अभिषेक मल्लाह को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया है। एवं निक्की पटैल,राशु खत्री सहित अन्य फरार है। पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि आशीष ठाकुर ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम भी करता है। गार्डन में कब्जा कर बनाया था कमरा-बताया जाता है कि आशीष ठाकुर ने बापू कॉलोनी स्थित क्वार्टर के पास बने गार्डन में कब्जा कर कमरा बनाया था, जिसमें जुआ खिलाया जाता था। अधिक जुआरी होने के कारण कल गार्डन एरिया में पंडाल और गद्दा बिछाकर जुआ खिलाया जा रहा था।



