डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

शराब ठेकेदार पर प्रशासन मेहरबान, संचालन पर रोक लगाने नहीं हो रही कार्रवाई

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के जनपद पंचायत शाहपुरा मैं शराब ठेकेदार पर प्रशासन मेहरबान है, जहां शासन प्रशासन के सारे नियम कानून धरे के धरे रह जा रहे हैं। शराब ठेकेदार का क्षेत्र में बोलबाला इतना है की रसूख के चलते समाजसेवी, जनप्रतिनिधि व विभागीय अमला भी इस अवैध शराब दुकान को हटवाने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठा रहा। यही कारण रहा कि वर्षों से आज तक शासकीय स्कूल से महज 20 मीटर की दूरी पर ही अवैध शराब बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, जिसे जिम्मेदारों के द्वारा बंद करवाने कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाए जा रहे। आरोप है कि शराब ठेकेदार के सामने आबकारी विभाग के सारे नियम कानून धरे के धरे रह जा रहे हैं, जहां नियमों को ना मानकर शराब ठेकेदार मनमानी कर रहा है। बताया गया कि नवीन हाई स्कूल परिसर से महज 20 मीटर दूर ही अंग्रेजी शराब की बिक्री धड़ल्ले से करवाया जा रहा है, जिसे रोकने या अन्य स्थान पर शराब दुकान को हटवाने में प्रशासनिक अमला कोई पहल कर रहा। बताया गया कि विभागीय अमला जान कर भी अंजान बना हुआ है, जबकि अवैध शराब की बिक्री से स्कूल में अध्ययनरत सैकड़ों बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि स्कूल परिसर के अंदर ही तीन स्कूलों के सैकड़ों बच्चे अध्यन कर रहे हैं, पास ही शराब दुकान संचालित होने से बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई –  लंबे समय से हो रहे अवैध शराब संचालन पर रोक लगाने की मांग को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी की गई, लेकिन ठोस कार्यवाही अभी तक नहीं हुई, जिसे लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शासकीय नवीन हाई स्कूल शाहपुरा परिसर के अंदर ही तीन अन्य स्कूलें भी संचालित हो रही है। परिसर के अंदर बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर व माध्यमिक शाला का संचालन वर्षों से हो रहा है, बावजूद ठीक स्कूल परिसर के बगल में ही लंबे समय से अंग्रजी शराब की बिक्री धड़ल्ले से करवाया जा रहा है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों सहित पदस्थ शिक्षकों की स्टाफ ने कई बार दुकान हटाने की मांग कर चुके हैं, बावजूद शराब दुकान को हटवाने में विभागीय अमला नाकाम है। मामले को लेकर लोगों ने सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द स्कूल परिसर से दूर शराब की दुकान को हटवाने की मांग की गई है, ताकि स्कूली बच्चों पर विपरीत प्रभाव ना पड़ सके। सूत्रों की माने तो शराब दुकान से ही रात के समय चोरी-छिपे गांव गांवों तक शराब की खेप भी शराब माफियाओं द्वारा पहुंचाए जाते हैं, जिसे रोकने लंबे समय बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

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