कुछ ऐसे जर्जर स्कूलों में पढ़कर बच्चे संवार रहे अपना भविष्य
डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल भवन जर्जर है, मरम्मत व लिपाई पुताई, रंग-रोगन के नाम पर जिम्मेदारों द्वारा केवल खानापूर्ति कर राशि निकाल ली जाती है, जिससे जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलें जर्जर व बेरंग ही नजर आ रही हैं। रंग रोगन करने जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे, जिससे ऐसी ही जर्जर स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ कर अपने भविष्य संवारने में लगे हुए हैं। ताजा मामला समनापुर जनपद अंतर्गत बहेरा टोला गांव में सामने आया है, जहां प्राथमिक स्कूल भवन की वर्षों से मरम्मत व लिपाई पुताई नहीं कराई गई, जिससे भवन बेरंग ही नजर आ रहे हैं। मजबूरी में बच्चे ऐसे ही बेरंग जर्जर भवन में बच्चे पढ़ रहे हैं।
18 महीने बाद खुले हैं जिले की सरकारी स्कूलें :- गौरतलब है कि कोरोना काल से ही सरकारी स्कूल बंद थी, जो पिछले 18 महीने बाद फिलहाल के महीनों में ही खुले गए हैं। बताया गया कि एक तरफ शासन प्रशासन द्वारा साफ-सफाई, मरम्मत व पुताई के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपए जारी किए जाते हैं, वहीं दूसरी और जमीनी स्तर पर खानापूर्ति तक कार्य हो रहे हैं। यही कारण है कि जिले के अधिकतर सरकारी स्कूल जर्जर व बेरंग नजर आ रही है। कई स्कूल से तो छत की प्लास्टर भी गिर रहे हैं, जिसके बाद भी मरम्मत कार्य कराए जाने विभागीय अमला कोई ठोस पहल नहीं कर रहा, जिससे बच्चों को खतरा भी बना हुआ है। बहेरा टोला के स्थानीय अभिभावकों ने प्राथमिक शाला स्कूल भवन की जल्द से जल्द मरम्मत व पुताई लिपाई कर रंग रोगन किए जाने की मांग की गई है, ताकि स्कूली बच्चों पर अनूकूल प्रभाव पड़ सके।



