पाटन में खाद की काला-बाजारियों को कृषि अधिकारी इंद्रा त्रिपाठी दे रही है : संरक्षण

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता पाटन। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की पाटन तहशील के किसान इन दिनो खाद की कमी से अत्यंत परेशान और त्रस्त हैं। किसान पाटन के सरकारी खाद वितरण केंद्रों पर रोजाना घंटों लाइन में लगे रहने को मजबूर हैं। लाईन में लगने के बावजूद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। और पाटन में खाद्य की काला-बाज़ारी सरेआम धड़ल्ले से चल रही है। खाद्य विक्रेता प्रशासन को अपनी नोटो की माला पहनाकर अपने फ्रेम में कैद करे हैं। जिसके कारण पाटन के अधिकारियों को कहीं भी खाद्य की काला बाजारी नहीं दिखती है। खाद माफिया मनमाने दामों पर किसानों को खाद बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमा रहे हैं। और सरकार मूँक बघिर बनी किसानों को लुटते देख रही है। जब मीडिया ने खाद की किल्लत पर आवाज बुलंद की एवं संवाददाता द्वारा पाटन मझौली विधायक अजय विश्नोई से खाद्य की काला-बाजारी के संबंध में चर्चा की थी तब विधायक श्री विश्नोई का कहना था खाद्य के संबंध में आप जबलपुर सासंद राकेश सिंह से बात करे। क्या इसका मतलब ये समझा जाये कि आपने काला-बाज़ारियों के समक्ष अपने हथियार डाल कर आत्मसमर्पण कर दिया है और पाटन के काला-बाज़ारियों को किसानों को लूटने की खुली छूट दे रखी है। आप मुख्यमंत्री को एक पत्र और लिखे पाटन कृषि अधिकारी श्रीमती इंद्रा त्रिपाठी जो पाटन में लगभग 15 वर्ष से अधिक समय से यही इनकी पोस्टिंग हैं। आज तक इनका पाटन से अन्य जगह स्थानांतरण नहींं हुआ सारे खाद्य माफियाओं को इनका संरक्षण प्राप्त है। इनके आशीर्वाद से सब फल फूल रहे है। आप पहले इनकी पाटन से विदाई करा दीजिये आप कहते हैं प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और दूसरी तरफ़ किसानों को सरकार ना तो खाद उपलब्ध करवा पा रही है और ना ही सुरक्षा। आपकी किसान विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश का किसान चारों तरफ़ से लूटने पिटने को मजबूर है। पाटन के किसानों की माँग है कि सरकार अविलम्ब किसानों को सुचारू रूप से उचित दामों पर तत्काल खाद मुहैया कराए और काला-बाजारियों पर रासुका के अंतर्गत कार्यवाही कर प्रदेश के किसानों को लुटने से बचाये।



