सिहोरा में तेल और खून के 21 दिये जलाकर आंदोलनकारियों ने पूँछा सिहोरा का वनवास कब खत्म होगा

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता सिहोरा। जबलपुर जिले की सिहोरा नगर में चल रही सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर आज आंदोलनकारियों द्वारा तेल के साथ दिये में तेल के साथ खून मिलाकर 21 दीपक जलाकर प्रदशर्न पर बैठें लोगों ने संदेश दिया है सिहोरा के प्रति अपने त्याग,समर्पण ,सिहोरा के प्रति हम सब का प्रेम और जिला सिहोरा के लक्ष्य को पाने के लिए किसी भी हद तक जाना पड़े तो भी हमारे कदम अब पीछे नही जायेगे, 21वर्षों की लंबी अनदेखी के प्रतीक स्वरूप 21 खून के दिए जलाकर ये सरकार से जानना भी चाहते है कि सिहोरा का वनवास कब समाप्त होगा। यह कहना है लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के आह्वान पर अपने शरीर के खून से दिए जलाकर सिहोरा को जिला बनाने की मांग कर रहे युवाओं का। प्रत्येक रविवार को जिला की मांग पर धरना दे रहे सिहोरा वासियों में आज पिछले तीन रविवारीय धरनों की तुलना में ज्यादा उत्साह था। ज्यों ही युवा वर्ग अपने शरीर से खून देने आगे आ रहे थे,संघर्ष और आक्रोश का मिला जुला स्वरूप सामने आ रहा था।”खून दिया है जान भी देंगे”,जिला सिहोरा अबकी बार के नारे हर तरफ सुनाई दे रहे थे। बढ़-चढ़कर दिया खून – आज के कार्यक्रम में नगरवासियों का उत्साह इतना ज्यादा था कि उपस्थित हर व्यक्ति आगे आकर अपना खून देने को तैयार थे। 21 दिए क्यों – वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा पहली बार जिले की घोषणा की गई थी,उसके बाद 2003 में सिहोरा जिले का राजपत्र जारी हुआ और 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा पुनः सिहोरा जिले की घोषणा की गई।2001 से 21 वर्ष बाद भी जिला न बनने के कारण 21 दिए जलाए गए। 3 जनवरी को विशाल रैली – लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के विकास दुबे,सियोल जैन,मानस तिवारी ने घोषणा की कि जिला बनने तक प्रत्येक रविवार को शांतिपूर्ण धरना हेतु समिति संकल्पित है पर यदि सरकार अपने पिछले 21वर्ष के रवैये पर ही अड़ी रहती है तो दिसंबर के बाद 9 जनवरी को एक विशाल रैली सिहोरा में आयोजित की जाएगी और इसके साथ 10 जनवरी से प्रत्येक दिन धरना प्रारंभ किया जाएगा। सिलोंडी से पहुँचे समर्थन देने – रविवार के धरने की व्यापकता का असर देखने मे तब आया जब 40 किमी दूर के ग्राम सिलोंड़ी से लोग सिहोरा जिला की मांग का समर्थन करने पहुँचे।इनमें शंकर लाल राय, गणेश साहू,सतेंद्र राय प्रमुख थे उन्होंने अपने उदबोधन में दावा किया कि सिलोंडी क्षेत्र के 40 गाँव आने वाले समय मे इस आंदोलन के साथ होंगे। आज के धरने में विकास दुबे,मानस तिवारी,सेंकी जैन,शिवम कुररिया,अन्नू गर्ग,जयप्रकाश दुबे,अनंतराम सोनी,शौर्य त्रिपाठी,विक्रम तिवारी,नरेन्द्र गर्ग,रामनरेश यादव,अजय
शुक्ला,विवेक पाठक,रामजी शुक्ला,प्रबल त्रिपाठी,पवन तिवारी,पुलकित शुक्ला, धीरेंद्र पांडे,निशांत विश्वकर्मा, अनिल जैन,संजय ठाकुर,कृष्ण कुमार कुररिया,अज्जू चौहान,पन्ना लाल झारिया,छत्रपाल सेन,शुभम तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में सिहोरावासी मौजूद थे।
