मानव जीवन की सुरक्षा किसके सहारे:निजी अस्पताल ने बनाया मृतक शरीर को बन्धक

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता। जिला कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के मोबाइल पर अचानक से मैसेज आया कि आदित्य हॉस्पिटल द्वारा पूरा बिल जमा न करने के कारण मृतक व्यक्ति का शव नही दे रहे थे। मैसेज पढ़ते ही कलेक्टर श्री शर्मा ने सीएचएमओ डॉ रत्नेश कुरारिया को मैसेज भेजते हुए तत्काल एक्शन लेने का निर्देश दिया। वहीँ उन्होंने निजी अस्पताल की निगरानी हेतु नियुक्त डॉ प्रियंक दुबे और डॉक्टर विभोर हजारी को मौके पर पहुंचा कर शव छुड़वाने के निर्देश दिये। जिला कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्यवाही करते हुए डॉ प्रियंक दुबे एवं डॉ विभोर ने आदित्य हॉस्पिटल पहुंचकर पीड़ित परिवार एवं हॉस्पिटल प्रबंधक से बात कर दोनों पक्षों में समझौता कराकर शव परिवार-जनों को दिलवाया एवं घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ प्रियंक दुबे ने बताया कि मरीज नर्मदा प्रसाद मेहरा उम्र 36 निवासी डोभी जिला नरसिंहपुर जिले का रहने वाला था। जिसके परिवार वालों ने दिनांक 8 नवंबर 2021 को आदित्य अस्पताल जबलपुर मैं ब्रेन की समस्या से ग्रस्त मरीज को लेकर आय थे। जिसकी आज सुबह मृत्यु हो गई थी हॉस्पिटल प्रबंधक ने कुल 2 लाख रू का बिल थमा दिया था। जिसमे पीड़ित परिवार के सदस्यों ने एडवांस में 87000 हजार रुपये जमा किये थे। एवं परिवार के पास सिर्फ 5000 रू ही बचे थे। इस तरह से 92000 हजार रूपये जमा किए गये थे। शेष 1 लाख 8 हजार रूपये का बिल मानवता के आधार पर हॉस्पिटल से माफ करवाकर शव को परिवार जनों को सौंपा गया मृतक का शव लेकर परिवार वाले नरसिंहपुर लेकर रवाना हुए। साथ ही शोकाकुल परिवार ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को धन्यवाद का मैसेज भेजते हुए निगरानी में चिकित्सा टीम के कार्य की सराहना की। पीड़ित परिवार के लिये किसी फरिश्ते से कम नहीं है जबलपुर जिले के कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं प्राइवेट नर्सिंग होम की निगरानी समिति के सदस्य गण जिनमें प्रमुख रूप से सीएचएमओ डॉ रत्नेश कुरारिया,डॉ प्रियंक दुबे एवं डॉ विभोर हजारी को दुःखी परिवार के द्वारा धन्यवाद प्रेषित किया गया वहीँ पीड़ित परिवार के लोगों ने अस्पताल में एक दिन भर्ती प्रक्रिया का बिल 2 लाख रुपये खर्च दर्शाया गया। इस पर पीड़ित व्यक्ति के लोगों ने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा है। कि जबलपुर जिले के हॉस्पिटलों में खुली लूट और उनकी मनमानी से गरीब परिवार तो इलाज न कराये वहीँ अच्छा रहेगा। जबलपुर में इलाज बहुत महगा हो गया है। मिडिल क्लास एवं गरीब की पहुंच से दूर होता जा रहा है जबलपुर में इलाज करवाना। पीड़ित परिवार ने ऐसे नर्सिंग होम पर कार्यवाही की मांग की है।



