तो क्या.. स्कूल के पास से अंग्रेजी शराब दुकान हटाने नहीं होगी कार्यवाही

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के शहपुरा नगर पंचायत में सरकारी स्कूल से महज 20 मीटर दूर अवैध रूप से शराब दुकान का संचालन लंबे समय से हो रहा है, जिसे हटाने या दुकान को बंद करवाने में विभागीय अमला नाकाम ही नजर आ रहा है। जहां अंदर अंग्रेजी शराब की बोतलें और बाहर चखना मिल रहा है। दुकान के बारमदे में ही शराब प्रेमी मयखाना लगा रहे हैं, जबकि बाहर बैठ कर सैकड़ों छात्र छात्राएं अपना भविष्य तलाश में लगे हुए हैं। जहां नाबालिग स्कूली बच्चों को शराब की बोतलें बेच कर बच्चों को भी शराब का आदी बनाया जा रहा है। जनपद पंचायत शाहपुरा मैं शराब ठेकेदार पर प्रशासन मेहरबान है, जहां शासन प्रशासन के सारे नियम कानून धरे के धरे रह जा रहे हैं। शराब ठेकेदार का रसूख इतना है की रसूख के चलते समाजसेवी, जनप्रतिनिधि व विभागीय अमला भी इस अवैध शराब दुकान को हटवाने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठा रहा। यही कारण रहा कि वर्षों से आज तक शासकीय स्कूल से महज 20 मीटर की दूरी पर ही अवैध शराब बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। आरोप है कि ज़िम्मेदार लोग अंग्रेजी शराब दुकान को बंद करवाने कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाए जा रहे, शराब ठेकेदार के सामने आबकारी विभाग के सारे नियम कानून धरे के धरे रह जा रहे हैं। बताया गया कि नियमों को ना मानकर शराब ठेकेदार मनमानी कर रहा है, नवीन हाई स्कूल परिसर से महज 20 मीटर दूर ही अंग्रेजी शराब की बिक्री धड़ल्ले से करवाई जा रहा है। जिसे रोकने या अन्य स्थान पर शराब दुकान को हटवाने में प्रशासनिक अमला व जन- प्रतिनिधि कोई पहल कर रहे। बताया गया कि विभागीय अमला जान कर भी अंजान बना हुआ है, जबकि अवैध शराब की बिक्री से स्कूल में अध्ययनरत सैकड़ों बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि स्कूल परिसर के अंदर ही तीन स्कूलों के सैकड़ों बच्चे अध्यन कर रहे हैं, पास ही शराब दुकान संचालित होने से बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
शराब की बोतलें व डिस्पोजल से परेशान हैं रहवासी
मामले को लेकर शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी दर्ज कराई गई, बावजूद लंबे समय से हो रहे अवैध शराब के संचालन पर रोक लगाने कोई कदम नहीं उठाए गए, अब शराब दुकान संचालन को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि शासकीय नवीन हाई स्कूल शहपुरा परिसर के अंदर तीन अन्य स्कूलें भी संचालित हो रही है। गौरतलब है कि परिसर के अंदर बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर व माध्यमिक शाला का संचालन वर्षों से हो रहा है, जहां सैकड़ों बच्चे बैठकर अपना भविष्य तलाश रहे हैं, जबकि बगल में ही अंग्रजी शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों व स्कूल में पदस्थ शिक्षको की स्टाफ ने कई बार दुकान हटाने की मांग कर चुके हैं, बावजूद शराब दुकान को हटवाने में विभागीय अमला नाकाम है। मामले को लेकर लोगों ने सवाल उठाते हुए जल्द से जल्द स्कूल परिसर से दूर शराब की दुकान को हटवाने की मांग की गई है, ताकि स्कूली बच्चों पर विपरीत प्रभाव ना पड़ सके। सूत्रों की माने तो शराब दुकान से ही रात के समय चोरी-छिपे गांव गांवों तक शराब की खेप माफिया पहुंचा हैं।



