सत्ता मोह के आगे बेबस हुए प्रधान सेवक तीनों कृषि कानून वापस

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता। गुरु नानक जयंती के उपलक्ष में आज प्रधान सेवक के द्वारा देश के किसानों की माँग तीनो कृषि क़ानून वापस लेने की आखिरकार घोषणा कर दी गई,देश समझ रहा चुनाव में हार के डर से तीनो काले कृषि क़ानूनों को मजबूरी में वापिस लिया गया है। केंद्र सरकार के अन्याय पर आज किसान आंदोलन की जीत हुई। भारत के अन्नदाता किसानो पर एक साल में जो अत्याचार हुए, देश के 700 के आस पास किसान इस आंदोलन में शहीद हुए, हमारे अन्नदाताओं को आतंकवादी कह कर अपमानित किया। सैंकड़ों किसानो की शहादत पर सरकार की चुपी किस ओर इशारा कर रही थी। आज किसानों के हक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। तीनों कृषि बिल की वजह से साल भर से देश के किसान प्रदर्शन कर रहे थे, 700 किसानों की शहादत के बाद आज कृषि कानूनों को सरकार ने निरस्त करने का फैसला ले लिया है। देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने देशवासियों से माफी मांगते हुए तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी और कहा कि उनकी सेवा में ही कुछ कमी रह गई थी जिसकी वजह से किसानों को उनके द्वारा बनाई गई सरकार समझा नहीं पाई और अंत में यह कानून वापस लेना पड़ा। पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गये कदमों की देश के किसानों को जानकारी दी



