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मझौली सीईओ राजीव तिवारी ग्राम पंचायत रानीताल की जांच न करने पर मामला पहुँचा जिला कलेक्टेट 

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता मझौली। जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत रानीताल में पदस्थ रोजगार सहायक  भोजराज झारिया के खिलाफ  भ्रष्टाचार में लिप्त जो कि मनरेगा के जॉब कार्ड में भी फर्जीवाड़ा किया हुआ है जिससे कि  आवेदक राधारमण व्यास  द्वारा जनपद पंचायत मझौली  सीईओ को 15 दिन पूर्व  कागजों के साथ फाइल एवं आवेदन दिए गए थे तथा जिला पंचायत जबलपुर में भी आवेदन दिया गया था की ग्राम पंचायत रानीताल के रोजगार सहायक भोजराज झारिया द्वारा मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार किया गया जो कि एक व्यक्ति के दो दो जॉब कार्ड बनाए गए इस विषय में जनपद पंचायत मझौली के सी ई ओ राजीव तिवारी द्वारा अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई  ओर जिला पंचायत जबलपुर अधिकारी द्वारा  भी किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई ऐसे में यह लगता है कि मध्यप्रदेश शासन एक तरफ से कहा है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए लेकिन यहां पर चुप बैठे नीचे के अधिकारी ऐसा लगता है कि वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे जब तो किसी भी प्रकार की जांच करने तैयार नहीं है और  मझौली की हर  ग्राम पंचायतों में ऐसा भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है जिससे कि आवेदक राधारमण के द्वारा शिकायत भी की गई 181 में लेकिन जनपद पंचायत अधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश शासन के  नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां  जनपद सीईओ मझौली और जब किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई तो आवेदक द्वारा कलेक्टर जबलपुर मैं जाकर आवेदन किया गया और उचित कार्रवाई की मांग की गई अब देखते हैं इन आवेदनों के अनुसार कितनी कार्यवाही रोजगार सहायक पर की जा रही है स्पष्ट है कि रोजगार सहायक भोजराज झारिया भ्रष्टाचार में लिप्त है जिससे कि  आवेदक द्वारा जिस तारीख से आवेदन दिया गया उसके बाद निरंतर कंप्यूटर से भी छेड़खानी की जा रही है जो कि कई जॉब कार्ड डिलीट किए जा रहे यह ध्यान बिल्कुल नहीं है जनपद पंचायत मझौली के अधिकारी राजीव तिवारी का

 

 

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