समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशीलता विषय पर पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में दो दिवसीय जोन स्तरीय सेमिनार का शुभारंभ

जबलपुर दर्पण नगार संवाददाता।.पुलिस कन्ट्रोलरूम जबलपुर में समाज के कमजोर वर्गो के प्रति संवेदनशीलत विषय पर दो दिवसीय जोन स्तरीय सेमिनार का शुभारंभ पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन उमेश जोगा द्वारा एवं कलेक्टर कर्मवीर शर्मा पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा पुलिस अधीक्षक अजाक समर वर्मा,की उपस्थिति में किया गया। कार्यशाला में जबलपुर जोन से आये सहायक उप निरीक्षक से निरीक्षक, स्तर के 30 अधिकारी उपस्थित रहे सर्व प्रथम पुलिस अधीक्षक अजाक समर वर्मा द्वारा कार्यशाला के शुभारंभ के अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन उमेश जोगा द्वारा कलेक्टर कर्मवीर शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा का पुष्पगुच्छ भेट कर स्वागत किया गया।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एससीएसटी प्रकरणों में अपराधी को सजा दिलाना है,अनुसंधान की त्रुटियों का फायदा अपराधी को न मिले इसी उद्देश्य से एक्ट में समय समय पर जो नये नियम/कानून बनाये गये हैं,आप सभी को इस कार्यशाला के माध्यम से अवगत कराना है। जब थाने कोई भी व्यक्ति आता है तो वह किसी न किसी प्रकार से पीडित होता है अपने आपको असहाय एवं ठगा समझ कर आता है, उसकी अपेक्षा होती है कि जो भी कानूनी प्रावधानो के तहत कार्यवाही बनती है की जाये, आपका भी दायित्व बनाता है कि पीडित व्यक्ति की समस्या को ध्यान से शाीलीनता पूर्वक सुनें और तत्काल विधिसम्मत कार्यवाही करते हुये उसे राहत पहुंचायें । कलेक्टर श्री शर्मा ने कहा कि कई बार गवाह होस्टाईल हो जाते है, गवाह होस्टाईल न हो इस हेतु उन्हें पूरा भरोसा दिलाते हुये ब्रीफ कर तारीख पेशी पर उपस्थित कराना होगा। एससीएसटी के प्रकरणों में नियमानुसार पीडित को प्राथमिकता के आधार पर आर्थिक सहायता राशि दिलवाई जाना चाहिये। पुलिस महानिरीक्षक उमेश जोगा ने अपने उद्बोधन मे कहा कि कार्याशाला का विषय महत्वपूर्ण है, विगत 2 दिवस आपके लिये काफी उपयोगी साबित होेंगे। आप सभी को संशोधित अधिनियम का फील्ड मे प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करना है, आप सभी इस प्रशिक्षण के माध्यम से कार्य के दौरान आने वाली कठिनाईयो को आपस मे चर्चा कर दूर करें। पुलिस को समाज मे व्यवस्था स्थापित करने के लिये व्यापक अधिकार दिये गये है। आप सभी को विषय के विशेषज्ञों के द्वारा महत्वपूर्ण जानकारियॉ दी जावेंगी। आम नागरिकों की आपसे अत्यधिक अपेक्षायें रहती है। पीडित पक्ष केा न्याय दिलाने मे हमारा सकारात्मक प्रयास होना चाहिये। कोई भी इस प्रकार की सूचना जिसमें समाज के कमजोर वर्गो के प्रति अपराध घटित होने की जानकारी प्राप्त होती है, उस पर त्वरित न्याय संगतपूर्ण कार्यवाही अच्छे से सोच विचार कर करें एवं पीडित पक्ष को हर सम्भव मदद करें, इसके लिये आप जब आत्मा से संवेदनशील होगें तभी पीडित को संतुष्टि मिलेगी। एफआईआर लेख करते समय विशेष सावधानी बरतते हुये सभी बातों को समावेश किया जाये, तथा सभी साक्ष्यों को संकलित करते हुये विधि विशेषज्ञों की राय लेकर चालान समय सीमा में पेश किया जाये। चालान पेश करने के बाद फालोअप करते हुये अपराधी को उसके किये की सजा दिलाना हमारा प्रमुख उद्देश्य होना चाहिये



