देशी शराब ठेके के सामने से निकलने को मजबूर मासूम विद्यार्थी

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता। उड़ना सड़क से भेड़ाघाट की और जाने वाली सड़क पर थोड़ी सी दूरी पर सरस्वती शिशु मंदिर उड़ना एवं शासकीय स्कूल उड़ना में विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। इस सड़क पर अनेक गांव आते है। जिनका आना जाना इसी सड़क से पाटन मुख्यालय के लिए होता है। इसी रोड पर देशी शराब का ठेका एवं अहाता संचालित हो रहा है। इस ठेके पर सुबह शाम शराबियों का जमघट लगा रहता है। स्कूल लगने के पहले ही देशी शराब दुकान सुबह 6 बजे खुल जाती है। और पीछे के दरवाजे से यह शराब दुकान चौबीसों घंटे संचालित हो रही है। आपको स्कूल प्रांगण में जगह जगह शराबियों की बैठकें और जाम छलकते दिख जायेंगे लेकिन यह सब मंजर प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं देखता क्योंकि शराब ठेकेदारों के द्वारा इन सभी का हफ्ता फिक्स है। जो समय से पहले ही इनके पास पहुंच जाता है। इसलिए प्रशासनिक अमला इन पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। और यह शराब कारोबारी अपना काम धड़ल्ले से कर रहे हैं। इसका खामियाजा इस क्षेत्र में निवास करने वाले ग्रामीण एवं इन स्कूलों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी उठा रहे हैं। इन स्कूलों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को रोज इसी ठेके के सामने से गुजारना पड़ता है। इन सब अनियमितताओं की ओर प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। जबकि यह देशी शराब दुकान नियम विरुद्ध तरीके से चल रही है। स्कूल के आस-पास किसी भी प्रकार की शराब दुकान संचालित नहीं की जा सकती है। ऐसा शासन का नियम है। इस नियम को ठेंगा बताते हुए शराब माफिया अपनी मनमर्जी से देशी शराब दुकान संचालित कर रहे हैं। इस समस्या की सुध लेने वाला कोई नहीं है। यहां के जनप्रतिनिधि भी मौन धारण किए हैं। ग्रामीणों के द्वारा मांग की गई है। इन बच्चों के भविष्य को देखते हुए जल्द से जल्द यह देशी शराब का ठेका यहां से अन्य स्थान पर स्थानांतरण किया जाए जिससे यहां अध्ययन करने वाले बालक बालिकाओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े



