अध्यात्म/धर्म दर्पणखास खबरदमोह दर्पणमध्य प्रदेश

तपोभूमि गंगाझिरिया धाम, पं महेन्द्र दुवे शासत्री जी ने कहा “प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर तीन ऋण होते है”

जबलपुर दर्पण जबेरा दमोह संवाददाता। जनपद पंचायत जबेरा तपोभूमि गंगाझिरिया धाम मे चल रही 21 दिवसीय श्रीरामचरित महायज्ञ मानस विराट सम्मेलन नौवें दिवस प्रवचन माला पं महेन्द्र दुवे शासत्री ने प्रवचन में कहा प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर तीन ऋण होते है। पहला कर्ज देव ऋण पितृ ऋण व् ऋषि ऋण। माता पिता की सेवा व् उनका आदर करने से पितृ ऋण खत्म होता हैं। देवताओं को यज्ञ भाग देने पर व्यक्ति देव ऋण से मुक्त हो जाता है। ऋषि व् संतों के विचारों आदेशों को अपने जीवन मे उतारने से उनका प्रचार प्रसार करने व् उन्हें लक्ष्य मानकर आदर सहित आचरण करने से ऋषि ऋण से मुक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति 24 घंटे में 21 हजार 600 बार सांस लेता है। प्रत्येक सांस से उस प्रुभु को याद करना चाहिए 24 घंटे मे वहीं समय सबसे उत्म है जो भगवान की भक्ति व् दीन दुखियों की सेवा मे लगें उन्होंने कहा कि तीन चीजें लौट कर वापस नहीं आती। शब्द जुबान से तीन कमान से और प्राण तन से इसलिए जब कभी भी किसी व्यक्ति से मीठा और हित वाणी बोले। उसी वाणी से अपना और दूसरों का कल्याण होता हैं। ऐसी वाणी मे ही उस प्रभु का वास होता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page