उठाई गई पृथक विंध्य प्रदेश के गठन की मांग।

गोबर प्लांट से सरकार दे युवाओं को रोजगार
जबलपुर। कोरोनावायरस की वैश्विक महामारी के दौर में व्यापक पैमाने पर बेरोजगारी भी फैली है और लोगों की आर्थिक दशा खराब हुई है। एक तो उनके पास काम नहीं है और दूसरा घर चलाने लायक पैसा भी नहीं है। इन विषम परिस्थितियों में समाज को एक नई दिशा का देने का काम समाज के बड़े बुजुर्ग ही किया करते हैं और इसी तरह का एक रास्ता सुझाया है। मऊगंज विधानसभा के पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने। जो वर्तमान में पूर्व सैनिक सेवा परिषद के संरक्षक भी हैं। सर्किट हाउस नंबर 2 में आयोजित पत्रकार वार्ता में पंडित अमित खबरिया की उपस्थिति में पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि समूचे प्रदेश में विगत 8 सितंबर 2019 से 1300 किलोमीटर की यात्रा, 319 जनसभाएं और 20 से भी ज्यादा पत्रकार वार्ता करके जन अस्मिता यात्रा के माध्यम से लोगों को इस पुनीत कार्य के लिए जागृत करने का कार्य किया गया। कोविड-19 की महामारी के दौर में काम की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई लेकिन पिछले माह से लगातार चौथा चरण इस यात्रा का आरंभ हो चुका है। विंध्य क्षेत्र के सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सतना, मैहर, तक की यात्रा पूरी कर ग्वालियर संभाग में यात्रा और पत्रकारिता के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। सरकार से प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं। पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गोबर प्लांट लगाया जाए, अलग से विंध्य राज्य का गठन किया जाए, औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय लोगों को उनकी योग्यता के अनुसार 70 फ़ीसदी रोजगार दिया जाए, मध्य प्रदेश में सैनिक आयोग का गठन किया जाए और किसानों सहित आम जनों के राजस्व प्रकरणों का निराकरण शीघ्र ही हो।
अपनी मांगों को मीडिया के माध्यम से जनता और सरकार के सामने रखते हुए, लक्ष्मण तिवारी पूर्व विधायक ने बताया कि गोबर से एक और वर्मी कंपोस्ट खाद, बायोगैस, प्लाइवुड, डिस्टेंपर, पेंट, अगरबत्ती इत्यादि तैयार करके राजस्व की वृद्धि होगी। किसानों की आय भी बढ़ेगी और जैविक खेती के उत्पादन से बीमारियां कम होंगी।
आवारा पशुओं का सड़कों पर घूमना कम होगा और इससे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। विंध्य क्षेत्र को रतनगर्भा भी कहा जाता है। अपार संपदा ओं से भरा हुआ यह क्षेत्र। इसके बावजूद यहां का युवा रोजगार की तलाश में भटक रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बॉर्डर में शहीद होने वाले वीर सैनिकों के परिजनों और उनकी वीरांगना पत्नियों सहित सभी की समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है। सरकार इस और ध्यान दें तो जनकल्याण के बहुत सहज सकते हैं। इस पत्रकार वार्ता में अमित खंपरिया, पतिराज सिंह, बृजलाल पटवा, विनोद तिवारी, कृष्ण गोपाल तिवारी, मयंक चतुर्वेदी, अशोक कुमार मिश्रा समेत कई लोग उपस्थित रहे।



