शिरोमणि सेन जी महाराज और आचार्य वल्लभाचार्य की जयंती पर कांग्रेसजनों ने किया पुण्य स्मरण

जबलपुर दर्पण भोपाल। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के सभाकक्ष में आज प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं केश शिल्पी कांग्रेस के पदाधिकारियों ने सेन समाज के आराध्य देव संत श्री शिरोमणि सेन महाराज की 722 वीं जयंती और महाप्रभु वल्लभाचार्य की जयंती पर दोनों महान विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया। वही
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता और कार्यक्रम समन्वयक आनंद तारण ने संत श्री शिरोमणि महाराज के जीवन वृतांत पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संत सेन महाराज बचपन से ही विनम्र, दयालु और ईश्वर पर विश्वास रखने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने गृहस्थ जीवन के साथ-साथ भक्ति के मार्ग पर चलकर भारतीय संस्कृति के अनुरूप जनमानस को शिक्षा और उपदेश के माध्यम से एकरूपता में पिरोया। उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली था कि जनमानस स्वतः ही उनकी और खिंचा चला आता था। वे वृद्वावस्था में काशी चले गये और वहीं कुटिया बनाकर रहने लगे और लोगांे को उपदेश देते रहे।
श्री तारण ने कहा कि वहीं महाप्रभु वल्लभाचार्य कृष्ण भक्त और पुष्टि मार्ग के प्रवर्तक थे। सूरदास, कृष्णदास, कुंभनदास और परमानंद दास उनके 84 शिष्यों में प्रमुख थे। उन्होंने सदा ही ईश्वर जगत एवं जीव को ही अपना केंद्र मानकर सत्य को परिभाषित किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर, उपाध्यक्ष प्रकाश जैन, महामंत्री राजीव सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस इंटक नेता आर.डी. त्रिपाठी, दीपचंद यादव, श्रीमती विभा पटेल, जे.पी. धनोपिया, रवि सक्सेना, शहरयार खान, अब्बास हफीज, हृदेश किरार, मिथुन सिंह अहिरवार, विक्की खोंगल, संतोष सिंह परिहार, अनीस खान गुड्डू, यशवंत सिंह राजपूत, राजकुमार सिंह, संजय मालवीय, सीताराम यादव, रामराज तिवारी, रघुराज सराठे, जीतू सेन, नवीन सराठे, बब्लू सेन, हरिओम, शीतल मालवीय, अनिकेत सराठे सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।



