परिजनों के साथ भागवत पुराण में शामिल होने आया था बच्चा, भटकने के बाद यातायात पुलिस ने पहुंचाया घर

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। पिछले दिनों डिंडोरी यातायात पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिछड़े हुए बच्चे को गुम हो जाने के महज दो घंटे में ही परिजनों से मिला दिया। बताया गया कि यातायात थाने के स.उ.नि. ओम सिंह ठाकुर, जीतेन्द्र गोलकर अपने साथी पुलिस स्टाप के साथ समनापुर तिराहे में वाहन चेकिंग कर रहे थे, इसी दौरान एक मासूम बच्चा रोड़ किनारे खड़े होकर रो रहा था। उसी दौरान बिलासपुर से आने वाली बस में चढ़ने की कोशिश कर रहा था, तभी पुलिस की नजर उस बच्चे पर पड़ी। पुलिस के काफी प्रयासों के बाद बच्चे ने अपना नाम अमित पारासर मंडला स्टैंड के पास मोहल्ले का होना बताया। स.उ.नि. ओम सिंह ठाकुर और उनके स्टाफ द्वारा बच्चे को पुरानी डिंडोरी मंडला स्टैंड के आसपास मोहल्ले में बच्चे को लेकर पतासाजी करने पर बड़ी मुश्किल से परिजनों का पता चल पाया। जानकारी अनुसार बच्चे की उम्र 5 वर्ष है, पिता का नाम छत्रपाल पारासर हैं, जो पुरानी डिंडोरी के निवासी हैं। गौरतलब है कि बच्चा अमित पिछले दिनों शाम को परिजनों के साथ पास में चल रहे श्रीमद् भागवत पुराण में शामिल होने गए हुए थे, बच्चा खेलते खेलते आयोजन स्थल से दूर समनापुर तिराहा पहुंच गया, जहां वाहन चैकिंग कर रहे यातायात पुलिस की नजर बच्चे पर पड़ी। परिजनों से मिलने के बाद बच्चा काफी खुश नजर आया, बिछड़े हुए बच्चे को पाकर परिवार वाले भी काफी उत्साहित नजर आए। यातायात पुलिस की इस अभिनव पहल की लोगों ने सराहना करते हुए परिजनों ने पुलिस का आभार जताया है। गौरतलब है कि यातायात पुलिस द्वारा आए दिन सामाजिक कार्यों से संबंधित मामलों में तत्परता दिखाते हुए गरीब व असहाय लोगों की मदद करते नजर आते हैं।



