वैदिक रीति से संपन्न कराएं श्राद्ध एवं तर्पण

जबलपुर दर्पण। गायत्री शक्तिपीठ मनमोहन नगर एवं श्रीनाथ की तलैया पर वैदिक रीति रिवाज से श्राद्ध एवं तर्पण नित्य संपन्न कराए जा रहे। इस उपलक्ष पर आचार्य रमेश तिवारी ने बताया कि सत्य एवं श्रद्धा से किए गए कर्म श्राद्ध एवं जिस कर्म से माता-पिता आचार्य एवं परिवारिक व्यक्ति तथा अकाल मौत हुए वाले व्यक्ति को शांति प्राप्त होती है । उसे तर्पण कहते हैं । शांतिकुंज प्रतिनिधि एवं परिविराजक गायत्री शक्तिपीठ श्री संदीप जी ने बताया कि नवमी के दिन महिलाओं की विशेष स्थिति होती है, इस दिन जिस भी किसी महिला की यदि तिथि ज्ञात नहीं है या फिर किसी की अकाल मृत्यु होती है तो उसका श्राद्ध एवं तर्पण भी नवमी के दिन किया जाना चाहिए।
गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने कहा कि सच्चे मन से पूर्ण निष्ठा के साथ इन दिन अपने पूर्वजों एवं परिवारिक लोगों को याद करना चाहिए, जिससे वह खुश होकर आपके जीवन के कष्टों को हर ले तथा आपको खुशी धन ऐश्वर्य एवं शांति की प्रदान करें। वैदिक परंपरा से गायत्री परिवार द्वारा श्राद्ध एवं तर्पण का कार्यक्रम गायत्री शक्तिपीठ संपन्न कराए जा रहा इस पर्व पर भोजन के रूप में माता अन्नपूर्णा योजना के तहत मेडिकल कॉलेज एलगिन एवं विक्टोरिया अस्पताल में विशेष भोजन वितरण की व्यवस्था भी गायत्री साधकों द्वारा की गई है तथा अपने पूर्वजों की याद में एक एक पेड़ लगाने का आवाहान किया गया है ।



