विद्या परिषद अंतर हितकारिणी कम्प्यूटर एवं विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन

जबलपुर दर्पण। किसी ने नेत्रहीनों के लिए ऐसे सेंसर युक्त शूज डिजाइन की, जिसकी मदद से उन्हें न केवल सामने और दाएं बाएं आने वाले सब्जेक्ट (ओबास्टिकल) का पहले से पता लग जाएगा, बल्कि उनके परिजन शूज में लगे जीपीएस की मदद से उन्हें ट्रैक भी कर सकेंगे। किसी ने पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के माॅडल्स के माध्यम से हमें सचेत किया तो किसी ने जैविक खेती को अपनाने से होने वाले फायदों को बताया। किसी ने सेंसर युक्त डस्टबिन का माॅडल बनाकर वेस्टेज ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बताया, तो किसी ने यूरेनरी सिस्टम के साथ ही डायलिसिस प्रोसेस को सविस्तार समझाया। मौका था हितकारिणी सभा विद्या परिषद के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय अंतर हितकारिणी कम्प्यूटर एवं विज्ञान प्रदर्शनी का, जिसका आयोजन जबलपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग सांइस के प्रेक्षागृह में किया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ एसपी गौतम ने कहा कि स्टुडेंट्स को साइंटीफिक थिंकिंग डेवलप करने की जरूरत है। वैज्ञानिक सिद्वांतों को समझते हुए नई सोच विकसित करने से विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ता है। प्रदर में स्कूल और काॅलेज लेवल के 50 से अधिक वर्किंग और नाॅन वर्किंग माॅडल्स शामिल थे। मानव शरीर आंतरिक संरचना, इंटरनेट वर्किंग प्रोसेस के साथ ही अर्थक्विक अलर्ट डिवाइस, चंद्रयान माॅडल आकर्षण के केंद्र रहे। इसके अलावा कम्प्यूटर डिस्पले का भी आयोजन किया गया। निर्णायक की भूमिका डाॅ प्रमेश कुमार बोहरे, डाॅ अविनाश गौर और महेंद्र राय ने निभायी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डाॅ एसपी गौतम, विशिष्ट अतिथि हितकारिणी सभा के सदस्य जयसिंह राव गायकवाड़ और अध्यक्षता हितकारिणी सभा की उपसभापति सुनयना पटेरिया ने की। विद्या परिषद के सचिव जयेश राठौर, नर्सिंग काॅलेज प्राचार्य डाॅ सपना दास, डाॅ अनूप तिवारी, संयोजक नरेश तिवारी, डाॅ पुनीत दुग्गल, शैलजा गुप्ता सहित विभिन्न स्कूल काॅलेज के प्राचार्य, स्टाफ और स्टुडेंट्स उपस्थित रहे।



