उमरिया दर्पणमध्य प्रदेश

मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा स्थित बाड़े से कल्लवाह में शिफ्ट किया गया नर बाघ


उमरिया। मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा स्थित बाड़ा क्रमांक 8 में रखे गए नर बाघ को निश्चेतित कर रेस्क्यू वाहन से कल्लवाह परिक्षेत्र में लाकर छोड़ा गया। उक्त नर बाघ को 30 जुलाई 2019 को कल्लवाह परिक्षेत्र से ही रेस्क्यू किया गया था जब इसकी आयु लगभग 12-14 महीने थी। इस अवयस्क शावक की मां एवं भाई को एक अन्य नर बाघ द्वारा मार दिया गया था तदुपरांत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दल द्वारा गश्ती कर इस अवयस्क शावक का पता लगाया गया एवं इसे रेस्क्यू कर बहेरहा लाया गया। बहेरहा बाड़े में इसे रखा जाकर धीरे-धीरे जीवित वन्यप्राणी दिए गए जिससे इसने शिकार करना सीखा वयस्क होने की स्थिति में इस नर बाघ का परीक्षण सहायक वन्यजीव शल्यज्ञ डॉ. अभय सेंगर द्वारा किया गया एवं इसे पूर्ण रूप से स्वस्थ्य एवं शिकार करने में सक्षम पाए जाने के कारण इसे उपरोक्त स्थल पर छोड़े जाने की अनुशंसा की गई। कल्लवाह परिक्षेत्र के अंतर्गत वह स्थल जहां से इसे रेस्क्यू किया गया था। निरीक्षण उपरांत छोड़े जाने के लिए उपयुक्त पाया गया एवं तद्नुसार इस नर बाघ शावक को छोड़े जाने के लिए प्रतिवेदन प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक म.प्र. भोपाल को प्रेषित किया गया। उल्लेखनीय है कि माह अप्रैल में भी मगधी परिक्षेत्र के बहेरहा स्थित बाड़े से एक नर बाघ को पनपथा कोर परिक्षेत्र में छोड़ा गया था एवं छोड़े जाने के पूर्व उसे जिस स्थल पर छोड़ा जाना था वहां एक अस्थाई बाड़ा तैयार किया गया था। इस बाड़ा में 7 दिन रखे जाने के उपरांत बाड़े को खोल दिया गया जिससे वह नर बाघ आसपास के वातावरण का अभ्यस्त हो गया एवं उसी परिक्षेत्र को वह अपनी टेरिट्री बना लिया इसी अनुभव के आधार पर कल्लवाह में भी एक अस्थाई बाड़ा तैयार किया गया जिसमें नर बाघ के भोजन के लिए पूर्व से ही 6 जीवित चीतल छोड़े गए साथ ही पानी पीने हेतु एक सॉसर भी रखी गई। 24 जून 2020 को प्रातः 9.30 बजे बहेरहा के बाड़ा क्रमांक 8 से इस बाघ को निश्चेतित करने हेतु ऑपरेशन चलाया गया जिसके दौरान क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ विन्सेन्ट रहीम, सहायक संचालक धमोखर आर.एन. चौधरी, सहायक संचालक ताला अनिल कुमार शुक्ला, परिक्षेत्र अधिकारी मगधी एवं धमोखर, सहायक वन्यजीव शल्यज्ञ डॉ. अभय सेंगर की उपस्थिति में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के हाथी अष्टम एवं रामा पर चढ़कर बाड़ा के अंदर इस नर बाघ को डार्ट लगाया गया एवं इसके निश्चेतित हो जाने के उपरांत स्टेªचर पर लादकर इसे रेस्क्यू वाहन के पिंजरे में रखा गया। बेहोश की अवस्था में ही इसकी माप-जोख एवं शरीर के तापमान आदि लिए गए एवं पिंजरे के अंदर डाले जाने के उपरांत इसे पुनः होश में लाने के लिए इन्जेक्शन लगाया गया। उपरोक्त नर बाघ को रेस्क्यू वाहन में डालकर 11.30 बजे कल्लवाह लाया गया एवं बाड़े को एक स्थान से खोलकर पिंजरे का मुंह बाड़े के अंदर रखकर उसका दरवाजा खोल दिया गया लगभग 8 घंटे पश्चात् उक्त नर बाघ ने बाड़े में प्रवेश किया। बाघ के स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी की जा रही है एवं इसके व्यवहार के अनुरूप 7-10 दिन पश्चात् बाड़ा को खोल दिया जायेगा ताकि यह स्वच्छंद रूप से कल्लवाह परिक्षेत्र के अंतर्गत विचरण कर सके।

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