दमोह दर्पणमध्य प्रदेश

नाबालिक के साथ बलात्संग के मामले में 20 वर्ष का सश्रम कारावास

विशेष न्यायालय ने सुनाई सजा

दमोह । पॉस्को एक्ट में नाबालिक के साथ बलात्संग के मामले में माननीय विशेष न्यायालय न्यायाधीश श्रीमती ऊषा तिवारी महोदया द्वारा प्रकरण में निर्णय पारित कर मामले के आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जिसमे पैरवी कर्ता बीएस शर्मा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यो एवं तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी को धारा 376 ab भादवी एवं धारा 5/6 पॉस्को एक्ट एवं 363 ए के अपराध का दोषी पाकर धारा 376 ab भादवी में 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 363 ए में 3 वर्ष के कारावास एवं जुर्माने से दंडित किये जाने का निर्णय पारित किया। पैरवी कर्ता बीएम शर्मा जिला अभियोजन अधिकारी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 4 एवं 5 जून 2019 की दरम्यानी रात ग्राम रनेह में पीड़ित बालिका घर के बाहर चबूतरे पर अन्य परिजनों के साथ बाहर सो रही थी तो उसी समय आरोपी गिल्लू उर्फ राहुल अहिरवार उम्र 20 वर्ष निवासी रनेह ने मौका देखकर वहाँ आया और सोती हुई पीड़ित बालिका को ले गया। उल्लेखनीय है कि उस समय उसके माता पिता गाँव मे कही शादी में गये हुए थे। घर से कुछ दूर ले जाकर अभियुक्त गिल्लू उर्फ राहुल अहिरवार ने बालिका के अधोवस्त्र को उतारकर एकांत स्थान पर उसके साथ बलात्संग किया एवं जब अभियुक्त गिल्लू उर्फ राहुल अहिरवार बालिका के साथ ऐसा दुष्कर्म करके उसे पुनः वापिस उसके घर के चबूतरे पर छोड़कर चला गया जहाँ वह सो रही थी। कुछ देर बाद पीड़ित बालिका के माता पिता वापस लौट कर आये रओ उन्होंने बालिका को बेहोसी की अवस्था मे गुप्तांग से रक्त श्राव होते देखा। जिस पर उसे तत्काल थाना रनेह ले गये। जहाँ तत्कालीन थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सुनील मेहर ने आहत की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए सर्वप्रथम बच्ची का उपचार करवाये जाने का विवेकपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस वाहन से महिला आरक्षक के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हटा पहुंचाया। जहाँ बच्ची के प्राथमिक उपचार उपरांत उसे जिला चिकित्सालय रैफर किया गया। जहाँ बच्ची होशो हवास में आई। मामले की रिपोर्ट की गई और अपराध को जघन्य एवं सनसनीखेज अपराध की श्रेणी में चिन्हित किया गया। विवेचना के दौरान घटना स्थल से रक्त रंजित कपड़े एवं एक अंगुली का नाखून तथा पीड़िता के कपड़े जप्त किये गये। मामले में जो डीएनए परीक्षण हेतु जो सामग्री भेजी गई थी उससे भी आरोपी द्वारा दुष्कर्म किये जाने की पुष्टि हुई तथा पीड़िता द्वारा अपने न्यायालयीन कथनों में आरोपी को पहचानते हुए उसके द्वारा दुष्कर्म करने की पुष्टि की गई। थाना रनेह के थाना प्रभारी सुनील मेहर द्वारा विवेचना उपरांत अभियोग पत्र अंतर्गत धारा 376(क,ख) 363,323 ताहि 3(ख)/4,5(झ)(ड)/6 पॉस्को एक्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने पर विशेष दप्रस क्रमांक 31/2019 विशेष न्यायालय पॉस्को एक्ट में प्रचलित हुआ। चूंकि पीड़िता ग्रामीण प्रष्ठभूमि की अशिक्षित व अबोध बालिका थी जो डरी एवं सहमी हुई थी। जिसका न्यायालय में परीक्षण कराया जाना विशेष लोक अभियोजक व न्यायालय के लिए एक चुनोती पूर्ण कार्य था परन्तु विशेष लोक अभियोजक बीएम शर्मा द्वारा अत्यंत संवेदन शीलता और अपने अनुभव से पीड़िता का न्यायालयीन परीक्षण सम्पन्न कराया। जिसमे न केवल पीड़िता ने आरोपी गिल्लू उर्फ राहुल अहिरवार की पहचान की बल्कि उसके बलात्संग करने की पुष्टि की एवं डीएनए परीक्षण से भी आरोपी द्वारा अपराध करने की पुष्टि हुई। जिसमें माननीय विशेष न्यायाधीश पॉस्को अधिनियम श्रीमती ऊषा तिवारी महोदया द्वारा प्रकरण में निर्णय पारित किया गया। जिसमें पैरवी कर्ता बीएम शर्मा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी को धारा 376 ab भादवी एवं धारा 5/6 पॉस्को एक्ट एवं 363 ए के अपराध का दोषी पाकर धारा 376 ab भादवी में 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 363 ए में 3 वर्ष के कारावास एवं जुर्माने से दंडित किये जाने का निर्णय पारित किया गया। उक्ताशय की जानकारी मीडिया सेल प्रभारी सतीश कपश्या सहायक जिला अभियोजन अधिकारी दमोह द्वारा दी गई। ज्ञात हो कि इस मामले के पूरे घटना क्रम मे वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तात्कालीन हटा एसडीओपी कमल कुमार जैन के कुशल मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुनील मेहर एवं पुलिस टीम ने सक्रिय एवं त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को धर दबोचने में सफलता प्राप्त की थी।

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