विश्व आदिवासी एवं अगस्त क्रांति दिवस पर उपवास सत्याग्रह का आयोजन

हटा/मड़ियादो । केरल राज्य मे अपने निवास पर गांधियन कलेक्टिव इंडिया के बैनर तले 24 घंटे के उपवास पर बैठे एकता परिषद के संस्थापक डॉ राजगोपाल पीव्ही एवं विश्व व्यापी एक वर्षीय जय जगत पदयात्रा की सूत्रधार जिल कार हैरिस बहन के समर्थन में विश्व आदिवासी दिवस एवं अगस्त क्रांति दिवस जैसे ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व के पर्व के महान अवसर पर मप्र एकता परिषद जिला दमोह द्वारा एकता शिशु विद्यालय चीलघाट में उपवास सत्याग्रह का आयोजन लाॅक डाउन के नियम पालन के साथ किया गया है। इस संबंध में एकता परिषद के प्रदेश समन्वयक सुजात खान ने बताया कि रविवार की सुबह 8 बजे से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं वृक्षारोपण के साथ उपवास सत्याग्रह की शुरुआत की गई। सत्याग्रह मे बम्हनी, गाता, पड़री, चीलघाट, हिनौती, कलुवा, बादंकपुर, कोटा, मदनपुरा, उदयपुरा, बरौदा इत्यादि गांव के जवाबदार मुखिया एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। उपवास सत्याग्रह मे मौजूद सभी सत्याग्रहियों को मास्क वितरित कर विश्व आदिवासी दिवस एवं अगस्त क्रांति के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही वैश्विक महामारी कोरोना के मृतकों, केरल में आई प्राकृतिक आपदा बाढ़ एवं हवाई जहाज दुर्घटना के प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान भूमि एवं आजीविका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा एवं भविष्य की कार्य योजना पर निर्णय लिए गये। वरिष्ठ कार्यकर्ता अयोध्या प्रसाद बलराम पटेल भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस मौके पर वनाधिकार कानून भू राजस्व कानून मनरेगा कानून शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, कोरोना बीमारी एवं लाकॅ डाउन के प्रभाव की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। खान ने बताया कि दमोह, हटा, पटेरा, बटियागढ़ ब्लॉक के अलावा कार्यकर्ता साथी घनश्याम भाई, विमला एवं भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिवलाल आदिवासी के नेतृत्व में भी मुखियाओं द्वारा जबेरा एवं तेंदूखेड़ा ब्लॉक में उपवास सत्याग्रह किया जा रहा है। उक्त एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह सोमवार की सुबह 8 बजे तक होगा। सत्याग्रह मे रक्कू आदिवासी शंभू आदिवासी अमर सिंह आदिवासी लल्लू आदिवासी परसू आदिवासी मलखान सिंह राजू वासुदेव दीनानाथ यादव बिहारी आदिवासी पन्नालाल बबलू अहिरवार इत्यादि मुखिया सहभागिता निभा रहे हैं।



