अतिथि शिक्षकों ने किया जेल भरो आंदोलन

गाडरवारा। अतिथि शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष शिव कुमार सोनी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जी के नाम तहसीलदार महोदय श्री मरावी जी को ज्ञापन सौंपा l जिसमें संघ द्वारा शासन से नियमितीकरण की मांग करते हुए संपूर्ण मध्यप्रदेश में आज शिक्षक दिवस पर शोषण एवं वादाखिलाफी के विरोध में तहसील स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया गया ,तथा सैकड़ों अतिथि शिक्षकों ने गिरफ्तारी दी किंतु थाना प्रभारी महोदय ने गिरफ्तार करने से मना कर दिया। ज्ञात हो कि अतिथि शिक्षक बिगत 13 वर्षों से अल्प मानदेय पर विद्यालयों में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं दयनीय आर्थिक स्थिति के चलते वह मानसिक तनाव का शिकार हो रहे हैं राज्य शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों को कोरोना काल में केंद्र सरकार के आदेश के बाद भी मानदेय नहीं दिया गया, जबकि इन्हीं के समक्ष कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों को अगस्त माह तक का भुगतान कर दिया गया। सरकार की इस तरह की दोगली नीति के चलते प्रदेश भर में लगभग 56 अतिथि शिक्षक आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या भी कर चुके हैं । इस दरमियान अनेक सरकारों के द्वारा अनेक बार नियमित करने की घोषणा की गई किंतु आज तक अमल में नहीं लाया गया, जिसके चलते अतिथि शिक्षको में रोष व्याप्त है और संघ के द्वारा शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाते हुए जेल भरो आंदोलन किया गया तथा गिरफ्तारी दी गई ।यदि शासन द्वारा फिर भी संघ की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आगामी उपचुनाव में भाजपा के सभी प्रत्याशियों का विरोध किया जाएगा ,संघ की ओर से अतिथि शिक्षक बड़ागांव देवराज गुर्जर जमाड़ा ने कहा की वर्तमान उप चुनाव की आचार संहिता लगने की पूर्व हमारे लिए 12 माह का कार्यकाल प्रदान कर पद स्थायित्व कर दिया जाए ताकि गुरुजी के जैसी व्यवस्था के अंतर्गत हमारा नियमितीकरण होकर भविष्य सुरक्षित हो सके एवं कोरोना काल में हम सभी को मई जून-जुलाई एवं अगस्त माह का मानदेय दिया जाए। इस मौके पर ज्ञापन देने वालों में अतिथि शिक्षक पवन स्थापक, सतीश मेहरा, सूरज कचेरा, अमृता सोनी, प्रीति बिजोरिया, रत्ना अग्रवाल, विवेक दीक्षित, रमाकांत तिवारी, प्रवीण शर्मा, अखिलेश बोहरे, शैलेंद्र कचेरा, दुर्गेश पचौरी, सुनील वर्मा, मनमोहन मेहरा आदि सैकड़ों अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति रही।



