मण्डला दर्पणमध्य प्रदेश

शिक्षक दिवस को काला दिवस मनाकर गिरफ्तारियां दी

जबलपुर दर्पण मण्डला ब्यूरो

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश के आवाहन पर अतिथि शिक्षक परिवार मंडला ने जिला कलेक्ट्रेट के पास सभा कर शिक्षक दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया और गिरफ्तारी दी। कलेक्ट्रेट के पास आम सभा कर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंच मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन के साथ गिरफ्तारी दी है। संगठन के मंडला जिला अध्यक्ष पी.डी.खैरवार ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया है,कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के आदेश उपचुनाव आचार-संहिता लागू करने के पहले आदेश और सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के सरकारी फरमान को तत्काल वापस लिए जाने को लेकर प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गये हैं।उसी तर्ज पर मंडला जिला अतिथि शिक्षक परिवार भी दोपहर 12 बजे सभा, धरना प्रदर्शन कर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए विशाल रैली के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर नारेबाजी के साथ सरकार की नीतियों को कोसते रहे।

दी गिरफ्तारी
ज्ञापन स्थल पर तैनात पुलिस प्रशासन को गिरफ्तारी देते हुए मांग की गई कि सरकार नियमित रोजगार दे नहीं सकती तो हमें जेलों में डालकर हमारे परिवार का पालन पोषण किया जाये।
सौंपा अंतिम अल्टीमेटम ज्ञापन
मुख्यमंत्री शिवराज सरकार के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि के हाथों ज्ञापन सौंपा गया।सौंपे गये ज्ञापन में मांग की गई है, कि सरकार अतिथि शिक्षकों को नियमित रोजगार देने के संबंध में उप चुनाव आचार संहिता लागू होने के पहले आदेश जारी करे।शिक्षक भर्ती नियम शर्तों अनुसार पात्र अतिथि शिक्षकों को नियमितीकरण तत्काल दे।अपात्र अतिथि शिक्षकों को भी रोजगार में बनाये रखते हुए पात्र बनाकर नियमित करे।
अतिथि शिक्षकों को तत्काल काम पर बुलाया जाये
वर्तमान हालातों का सामना करने अतिथि शिक्षकों को स्कूलों में शैक्षणिक कार्य पर बुलाया जाये। आनलाइन हो या आफलाइन पढ़ाई में अतिथि शिक्षकों को सामिल किया जाये।काम से अलग किये जा चुके अतिथि शिक्षकों को काम पर बुला लिया जाये।अब तक शेष मानदेय व लाकडाउन काल का भुगतान जल्द किया जाये। जिससे वर्षों से शोषण झेलते आ रहे अतिथि शिक्षक परिवार को कुछ राहत मिल सके।
स्कूलों को बंद किये जाने के आदेश वापस लिए जायें
साथ ही किसी भी कारण से सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के फरमान तत्काल वापस लिए जाएं।सरकार अकेले मण्डला जिले में एक साथ 513 स्कूलों को बंद करने की तैयारी पूरी कर चुकी है।जो जन विरोधी नीति है।
राजनीतिक पार्टियां कर रही हैं गंदी राजनीति
आगे आरोप लगाया में बताया गया है,अतिथि शिक्षकों के तमाम प्रयासों के बाद भी सरकार का ध्यान इस ओर नहीं जा पा रहा है।वोट बैंक की गंदी राजनीति के चलते सरकार मानवीय और संविधानिक मांगों को मान नहीं रही है। कद्दावर नेता कहें जाने वाले राष्ट्रीय नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी झूठ मूठ की बयानबाजी करके भारी धोखा दिया है। अतिथि शिक्षकों की मांगों का निराकरण कांग्रेस के वचन पत्र के अनुसार समय पर नहीं किये जाने से नाराज़ होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने का ढोंग रचा है‌।तब से छः महीने गुजरने वाले हैं।पता नहीं किस गुफा में कूपमण्डूक हो चुके हैं।
विपक्ष में रहकर शिवराज भी खूब चुपड़ी चुपड़ी बोले
वहीं शिवराज सिंह चौहान जब विपक्ष में थे तब चुपड़ी चुपड़ी बातें किया करते थे। पी.डी.खैरवार के नेतृत्व में आज भी लगातार चल रहे अनिश्चितकालीन जन सत्याग्रह स्थल शाहजहांनी पार्क में पहुंच कर धरना स्थल पर बिछी दरी पर घंटों बैठकर सत्ता पक्ष को कोसते रहते थे। आज वही सत्ता पर कब्जा बनाते ही गूंगे बहरे हो गए हैं।
सरकार की नीतियों से पीड़ित पांच दर्जन अतिथि शिक्षकों की मौतों का जवाबदार सत्ता
2008 से 2020 तक लगभग 5 दर्जन अतिथि शिक्षकों ने सरकार के शोषण से पीड़ित होकर जाने तक दे डाली है। उनका परिवार गली घाट के हो चुके हैं ।जिनकी सुध आज तक सरकार के नुमाइंदों ने नहीं ली है।
मुख्यमंत्री मंत्रियों की तरह नहीं मानते
मध्य प्रदेश के सैकड़ों विधायक सांसद एवं मंत्रियों के अलावा तमाम संगठनों ने भी अतिथि शिक्षकों की मांगों के पक्ष में मुख्यमंत्री जी के नाम सहमति पत्र लिख चुके हैं।अब तक किसी की बात पर मुख्यमंत्री का ध्यान नहीं गया है।
लंबे आंदोलनों का नहीं पड़ रहा सरकार पर असर
कहते हैं लोकतंत्र में आंदोलन ही सरकार का ध्यान अपनी ओर लाते हैं पर अतिथि शिक्षकों के लगातार जन सत्याग्रह जारी रखकर अपनी उपस्थिति सरकार के समक्ष रख रहे हैं। बावजूद इसके किसी भी प्रकार का विचार अतिथि शिक्षकों को नियमित रोजगार देने के लिए सरकार व्यक्त नहीं कर पा रही है।
अब करेंगे विकल्प की तलाश
जिससे आक्रोशित होकर अतिथि शिक्षक मध्य प्रदेश सत्ता पक्ष के ही नहीं बल्कि विपक्ष की भूमिका में बनी पार्टियों के खिलाफ भी जंग तेज करने वाले हैं।
बनी रणनीति, उपचुनावों में तलाशेंगे विकल्प
आगे की रणनीति और अल्टीमेटम में बताया गया है, कि आज से 3 दिन का इंतजार किया जाएगा।तब तक भी हमारे पक्ष में ठोस निर्णय नहीं आने पर 8 सितंबर के बाद प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन खड़ा किया जाएगा ।27 विधानसभा उपचुनाव क्षेत्रों में आचार संहिता लागू होने के पहले उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा,और तीसरे विकल्प की तलाश की जाएगी। कोशिश की जाएगी कि अतिथि शिक्षक परिवार ही खुद विकल्प बनकर जनता जनार्दन के सामने सरकार की जनविरोधी नीतियों को स्पष्ट करने का काम करेगा।
धरना स्थल पर राष्ट्रीय संगठन का मिला समर्थन आज धरना प्रदर्शन पर अखिल भारतीय एस.टी. एस.सी. ओ.बी.सी. महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा अतिथि शिक्षकों के हित में समर्थन किया गया है एवं आज ही अपने ज्ञापन पत्र में मांग शामिल करके सरकार से तत्काल नियमितीकरण की मांग भी की गई है।
जिला कांग्रेस संगठन ने किया शिक्षक के रूप में सम्मान
वहीं जिला कांग्रेस कमेटी मंडला के द्वारा कांग्रेस कार्यालय में शिक्षक दिवस के अवसर पर अतिथि शिक्षक परिवार मण्डला जिला अध्यक्ष एवं संस्थापक अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश पी.डी.खैरवार को आमंत्रित कर अतिथि शिक्षकों के द्वारा समाज में उत्कृष्ट शिक्षा दान देने के लिए संपूर्ण प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए सम्मान करते हुए जिलाध्यक्ष राकेश तिवारी के नेतृत्व में सम्मान के साथ शाल श्रीफल भेंट कर आस्वस्त किया है,कि अतिथि शिक्षकों के साथ कांग्रेस कमेटी मध्य प्रदेश थी, है और रहेगी भी।उपस्थित माननीय विधायक अशोक मर्सकोले जी के द्वारा स्वीकार भी किया गया कि कहीं ना कहीं भूल हुई है,पर संपूर्ण मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों के साथ कांग्रेश बराबरी से खड़ी रहेगी। शिक्षक की मर्यादा प्रदान करने का भरपूर प्रयास करेगी।
अतिथि शिक्षक पदाधिकारी रहे मुख्य रूप से सम्मिलित
धरना प्रदर्शन में सभी विकासखंडों से मुख्य रूप से नरोत्तम नाग, ओमन रजक,संजय सिसोदिया,नर्मदा झरिया,ज्योति बर्मन,सरिता डोंगरे,रश्मि कार्तिकेय,प्रीति नाग, उमाकांत यादव,कृष्ण कुमार वल्के,धनसिंह परते, मुकेश बैरागी,रूमीना खान,राजू यादव,हेमराज मसराम,नरबद बघेल,लवकेश कुर्मेश्वर,उदय झरिया,राजेश सिंह, राजेश बेंद्रे, अखिलेश बेंद्रे,मोहन साहू,नीरज सोनवानी,रविंद्र पड़वार,उपासना सिंह सहित सैकड़ों की संख्या बल में अतिथि शिक्षक भागीदार बने।

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