पीड़ित को ही धमका रहा है आरोपी।

लोन ठगी के मामले में पुलिस के हाथ अब तक खाली
जबलपुर। जब तक इस दुनिया में ठगों का बोलबाला रहेगा और लोगों के जीवन में है और समस्या के आसान समाधान की जल्दबाजी रहेगी। तब तक लोन के नाम पर ठगी करने वाले कामयाब होते रहेंगे। यह एक आम धारणा बन चुकी है कि, अगर आपको किसी बैंक से लोन लेना है, तो बैंक मैनेजर को पैसे खिलाने पड़ेंगे या बैंक कर्मचारियों को रिश्वत देनी पड़ेगी।
इस धारणा का, कभी किसी बैंकिंग संस्थान ने आकर के खुलकर विरोध नहीं किया और इस धारणा ने लोगों के मन में इतनी मजबूती से पैंठ बना ली है कि, लोन दिलाने के नाम पर कोई भी व्यक्ति आम आदमी को झांसा देकर पैसा एंठ लेता है।
ऐसा ही एक मामला देखने में आया है मोहम्मद सरफराज के साथ। कटरा निवासी फरमान अली के खिलाफ उन्होंने 9 सितंबर को हनुमान ताल थाने में धोखाधड़ी के आरोप में आवेदन दिया था। इस आवेदन के अनुसार फरमान अली ने उनसे लोन दिलाने के नाम पर ₹50000 की ठगी कर ली थी। अब फरमान अली ना तो लोन करा रहा है और ना ही पैसे लौटाने को तैयार है।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को थाने बुलाया समझाया और 2 दिन की मोहलत दी, पीड़ित के पैसे लौटाने के लिए। लेकिन पीड़ित को पैसा लौटाने की बजाए। आरोपी ने अन्य लोगों को कहकर पीड़ित को धमकी दिलाने का काम शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। इस बात की शिकायत आज उसने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा से की। आवेदन लेते हुए पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बघेल ने समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन पीड़ित को दिया।
मीडिया से बात करते हुए, मोहम्मद सरफराज ने बताया कि वह एक गरीब आदमी है। उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। अपना कारोबार बढ़ाने के लिए उसे लोन की दरकार थी। जिसका फायदा फरमान अली ने उठाया। अब वह चाहता है कि जल्द से जल्द उसे उसका पैसा वापस मिल जाए और आरोपी को कुछ इस तरह का सबक मिले कि वह आगे लोगों के साथ ठगी ना कर सके।



