मध्य प्रदेशसतना दर्पण

फर्जी दस्तावेजों के सहारे क्वारी लीज का हुआ आवंटन


बिरहुली क्षेत्र की आबोहवा में किसने घोल दिया जहर
सतना दर्पण। जिला खनिज विभाग और राजस्व विभाग की देखरेख में ही फर्जी दस्तावेजों को बड़ा आधार बनाकर क्वारी लीज का आवंटन हासिल कर लिया गया है। सतना जिले के बाबूपुर बिरहुली क्षेत्र में बेलगाम स्टोन क्रेशर का संचालन दबंगई के साथ कराया जा रहा है। राजस्व संहिता खनिज विभाग के जिम्मेदारों ने अपनी भूख मिटाने के लिए नियम कायदों से समझौता करना ही बेहतर समझा। ग्रामीण इलाकों से लगे बिरहुली की आबोहवा को स्टोन क्रेशर संचालकों ने बद से बदतर बना दिया है। कांग्रेस नेता सुधीर सिंह तोमर समेत अन्य प्रभावशाली लोगों ने इस पूरे बिरहुली क्षेत्र में धरती का सीना छलनी करते हुए दोनों हाथों से पैसा कमाया है। इस क्षेत्र में नियम विरुद्ध तरीके से संचालित होने वाले स्टोन क्रेशर के कारण वातावरण पूरी तरह से प्रदूषण मय हो चुका है। शासन के तय किए गए नियम कायदों की उपयोगिता कागजों तक सीमित करते हुए वातावरण से खिलवाड़ किया जा रहा है। तत्कालीन जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर क्वारी लीज का आवंटन हासिल किया गया है। जिला खनिज विभाग राजस्व विभाग और जिला पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सरपरस्ती में बिरहुली का सीना भारी मशीनों के माध्यम से दिन-रात छलनी किया जाता है। सतना जिले में माइंस लीज और स्टोन क्रेशर संचालन के नाम पर सरकारी प्रक्रिया में शामिल हर पात्र को मुंह मांगा पैसा मिलता है।

पटवारी मास्टरमाइंड इसलिए कमा डाले पचास लाख
सतना जिले के बिरहुली क्षेत्र में नियम विरुद्ध स्टोन क्रेशर की संख्या बढ़ाने में एक मास्टरमाइंड पटवारी की सबसे अहम भूमिका रही है। चूना पत्थर रद्दी के रूप में निकालने जैसे खेल को अंजाम दिया गया है। तत्कालीन पटवारी रविंद्र सिंह ने पचास लाख रुपए का बड़ा नजराना लेकर जनों का गोलमाल किया है। गिट्टी के व्यापार में बिरहुली के दर्जन भर से अधिक स्टोन क्रेशर की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। अरबों रुपए काला इन स्टोन ठिकाने लगाया जा रहा है। रद्दी के पत्थर पर प्लीज का आवंटन हासिल किया गया है।

बिरहुली में फैल गया स्टोन क्रेशर का चहूंओर जाल
जिले के बिरहुली क्षेत्र में दनादन लेनदेन कर स्टोन क्रेशर का जाल फैला दिया गया है। पूरे वातावरण को जहरीला बनाने के लिए नियम कायदों की धज्जियां उड़ाते हुए स्टोन क्रेशर संचालित किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में राजेश स्टोन क्रेशर, टिंकू स्टोन क्रेशर, नरेंद्र त्रिपाठी टिकरिया वालों का स्टोन क्रेशर, रविंद्र सिंह लल्ला पूर्व उपाध्यक्ष जनपद पंचायत सोहावल का स्टोन क्रेशर, पिक्की सिंह का स्टोन क्रेशरसहित अन्य स्टोन क्रेशर का यहां पर डंके की चोट में संचालन किया जाता है। उम्दा किस्म की गिट्टी का कारोबार बिरहुली में बराबर किया जाता है। सूत्रों ने बताया कि ऑनलाइन पूरे खेल को सटीक तरीके से अंजाम दिया जाता है। प्रत्येक स्टोन क्रेशर से जिला खनिज विभाग राजस्व विभाग और जिला पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जिम्मेदारों को हर माह लिफाफा जरूर पहुंचा दिया जाता है जिससे उम्दा किस्म की गिट्टी का व्यापार धड़ल्ले से किया जा सके?

खनिज अधिकारी हुए मैनेज तो छा गये रीवा के विवेक
जिला प्रशासन और खनिज विभाग की सरपरस्ती में स्टोन क्रेशर और माइंस का संचालन किया जाता है। सतना जिले की तत्कालीन खनिज अधिकारी दीपमाला तिवारी ने अबे क्षेत्र में गुमराह करने वाले दस्तावेजों का सहारा लेकर 10 10 एकड़ में क्वारी लीज का आवंटन किया है। भारी वजन वाला सूटकेस के स्वीकार करते हुए जिला खनिज अधिकारी ने वह सब कर डाला जिससे स्वयं मध्यप्रदेश शासन को करोड़ों रुपए राजस्व का चूना लगा है। लगभग 3 साल पहले महिला खनिज अधिकारी ने कई खनिज खदानें स्वीकृत करने का कारनामा चुटकी बजाते हुए किया था। रीवा निवासी विवेक मिश्रा और चूली के नाम पर दस दस एकड़ की लीज आवंटित की गई। अशोक द्विवेदी और विवेक मिश्रा ने देर में आवंटन हासिल कर अपने मंसूबों को पूरा किया। 10 वर्ष पहले जो लेटराइट ₹800 टन मिला करता था आज उसकी कीमत ₹550 टन हो गई है।

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