लेबर्स को जबरिया बीआर एस दिलवा रही अल्ट्राटेक


गुंडागर्दी पर उतारू फैक्ट्री प्रबंधन, बाहरियों का प्रवेश
रीवा दर्पण। बेलगाम सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन की दादागिरी के कारण गरीब मजदूरों को नौकरी से जबरिया हाथ धोना पड़ रहा है। भोले भाले ग्रामीणों को बेरोजगार बनाने का महाभियान अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला इकाई चला रही है। सीमेंट प्लांट बेला में कार्यरत स्थानीय मजदूरों को सीधे तौर पर निशाना बनाकर घर बिठाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि मुंबई से कंट्रोल होने वाली अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला का स्थानीय प्रबंधन जानबूझकर सीमेंट प्लांट में काम करने वाले लोकल मजदूरों को बाहर करने की मुहिम चला रहा है। पिछले एक साल से यह महाभियान काफी तेज हो गया है। सीमेंट फैक्ट्री में नौकरी करने वाले स्थानीय मजदूरों को मानसिक दबाव डालकर बीआर एस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जबकि मजदूर भूखमरी भरे हालातों को देखते हुए बीआर एस नहीं लेना चाहते हैं।
शासन के बीआर एस नियमावली पर लगाया पलीता
मध्य प्रदेश शासन ने प्राईवेट लिमिटेड संस्थानों में नौकरी करने वाले लोगों के लिए भी बीआर एस नियमावली लागू कर रखी है। इस नियमावली के तहत बीआर एस लेने वाले मजदूरों को जिस तरह के लाभ दिए जाने चाहिए उस पर दादागिरी के साथ पानी फेरा जा रहा है। शासन के बीआर एस नियमावली को ठेंगा दिखाते हुए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला सरासर मनमानी कर रही है। डेढ़ से दो लाख रुपए देकर मजदूरों को जबरिया बीआर एस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। निरंतर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला मजदूरों को घर में बिठाने का काम कर रहा है। गुंडागर्दी का रास्ता अपनाकर अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड लगातार मजदूरों को बेरोजगार करने का षड्यंत्र पूरा कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सीधे साधे मजदूरों के लिए अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है। बीआर एस नियमावली की धज्जियां उड़ाते हुए बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी छिनने में लग हुआ है।
बाहरी मजदूरों से लगाव, लोकल पर ढा रहे हैं सितम
सूत्रों ने बताया कि अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला लगातार स्थानीय मजदूरों को सीमेंट प्लांट से बाहर करने में लगा हुआ है। लोकल मजदूरों को घर बिठाने के साथ ही बाहरी मजदूरों को खाली जगह पर बराबर तैनात करने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय निवासियों को अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड का लोकल प्रबंधन आखिर जानबूझकर निशाना क्यों बना रहा है? इसके पीछे उसकी क्या मंशा है, यह बात गरीब मजदूरों का समूह नहीं समझ में आ रहा है। एक तरफ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार मध्य प्रदेश में संचालित होने वाले उद्योगों में स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार देने की वकालत कर रहे हैं, तो वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बेला लगातार नौकरी में शामिल स्थानीय मजदूरों को बेरोजगार बनाने का काम कर रहा है। क्या मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बेलगाम अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड के प्रबंधन पर नियंत्रण कर मजदूरों की नौकरी बचाएंगे? या फिर मध्य प्रदेश के बहुचर्चित मामा हमेशा झूठ बोलने की अपनी पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाएंगे?



