कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अनेक अवसर

कृषि वि वि में कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा हेतु अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अवसर एवं जागरूकता विषय पर वेबीनार संपंन
जबलपुर। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति डाॅं. प्रदीप कुमार बिसेन के मार्गदर्शन में अधिष्ठाता छात्र कल्याण द्वारा कृषि शिक्षा के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अवसर विषय पर वेबिनार आयोजित किया गया। आयोजक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅं. अमित शर्मा ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अनेकोनेक अवसर हैं, परंतु जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में छात्र उपलब्ध अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते हैं। सूचनाओं का अभाव और पर्याप्त जानकारी हमारे छात्रों के लिये कभी भी बाधा न बने, इसी उद्वेश्य से कुलपति डाॅं. बिसेन के दूरदर्शी नेतृत्व में यह वेबिनार आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आज विश्व के अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी सेवायें दे रहे हैं अथवा अध्ययनरत हैं। जिसमें कई देशों में कार्यरत एवं अध्ययनरत वैज्ञानिकों एवं अनुसंधानकर्ता वक्ताओं ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से अपने अनुभव साझा किये और इस हेतु तैयारी और कार्ययोजना को विस्तारपूर्वक समझाया। संचालक शिक्षण डाॅं. अभिषेक शुक्ला ने वेबिनार की आवश्यकता और व्यवहारिकता पर प्रकाश डाला।
आयोजित वेबीनार में इन्हीं पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। वेबीनार में रेजीना विश्वविद्यालय, अल्बर्टो, कनाडा से डाॅं. प्रमोद कुमार ने यू.एस.और कनाडा में उच्च शिक्षा मे प्रवेश के तरीकों एवं तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। एबरहार्ड काल्र्स विवि जर्मनी से डाॅं. सुजन विमल ने कृषि जैव प्रौद्योगिकी विषय के साथ यूरोप के विभिन्न संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया को समझाया। इजराईल के हिब्रू विश्वविद्यालय की शोध छात्रा स्वाति सिरोठया ने अपनी तैयारी के अनुभवों को साझा किया। जबकि क्वींसलैण्ड विश्वविद्यालय, आस्ट्रेलिया के कृषि अभियांत्रिकी विषय के शोधार्थी डाॅं. रूपेश जयराम पाटिल ने पूरी तैयारी में इंग्लिश और विषयगत जानकारी की भूमिका और महत्व के बारे में बताया। वेबीनार में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी शंकाओं और प्रश्नों को पूछा और समाधान पाया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता कृषि संकाय डाॅं धीरेन्द्र खरे ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं उनकी पूरी टीम के इस प्रयास को अत्यंत उपयोगी निरूपित करते हुए प्रवक्ताओं और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनेकृविवि अपने छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक उत्कृष्टता हेतु प्रतिबद्व है और यह वेबिनार इसी दिशा में किया गया प्रयास है। कार्यक्रम के अंत में कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, जबलपुर के अधिष्ठाता डाॅं. आर.के.नेमा ने विवि में विश्व बैंक के सौजन्य से संचालित राष्ट्रीय उच्च शिक्षा परियोजना की इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया तथा सभी अतिथियों, अधिकारियों, पूर्व छात्र और वर्तमान छात्र-छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।
विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिये आयोजित इस वैश्विक वेबिनार के आयोजन में समन्वयक डाॅं. शैलेष कुमार शर्मा प्राध्यापक एवं डाॅं. योगरंजन सहा. प्राध्यापक, कृषि महाविद्यालय टीकमगढ़ सहित इंजी. शरद जैन, डाॅं. धमेंन्द्र सिंह नरवरिया, इंजी. आलोक राजपूत, इंजी. यग्येश श्रीवास्तव एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।



