संपादकीय/लेख/आलेख

किस्मत कनेक्शन

“किस्मत कनेक्शन”। यह जरूर है कि पुस्तक के नाम और आवरण से पहली बार में यह सूचना नहीं मिलती कि इसके गर्भ में क्या है। लेकिन पुस्तक खोलते ही लेखक के विचारों की परतें तेजी से खुलने लगती हैं, तो उसकी एक ही वजह है कि ये छोटे-छोटे लेख नलिन खोईवाल की तरफ से लिखे गये वे पत्र हैं जो कहीं न कहीं प्रकाशित हो कर सार्वजनिक हुए, सुधी जनों के संज्ञान में लाये गये, और साहित्य के क्षेत्र में नलिन खोईवाल की अनोखी पहचान बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुए है ।

नलिन खोईवाल की यह नई पुस्तक पाठकों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करती है। ‘किस्मत कनेक्शन’ नाम की इस 156 पृष्ठीय पुस्तक में नलिन खोईवाल के लिखे हुए 186 पत्र संकलित हैं। स्वाभाविक तौर पर ये पत्र न तो किसी एक व्यक्ति को सम्बोधित हैं, न ही ये लेखक की व्यक्तिगत समस्या से जुड़े हुए हैं। इन पत्रों की विषयवस्तु समाज की है, देश की है, रोज-रोज होने वाली घटनाओं और उनसे उठने वाले तूफानों की है। ये पत्र सामान्य पाठकों के लिये लिखे गये हैं, इसलिये इनकी भाषा बहुत सरल है, किन्तु सीधे-सीधे असर डालने वाली है। इसमें संशय नहीं कि नलिन खोईवाल एक जिम्मेदार लेखक हैं, और समाज के प्रति लेखक के कर्तव्यों से बहुत अच्छी तरह परिचित हैं। वे जानते हैं कि सामान्य पाठक कैसी भाषा समझता है। समाज में बदलाव के लिये बहुत ज्यादा अलंकृत और ठोस शब्दों की अपेक्षा सरल,तरल और सामान्य बोलचाल के ही शब्द प्रयुक्त किये जाने चाहिए। नलिन खोईवाल ने इस बात का पूरा ध्यान रखा, लेकिन कहीं भी भाषा का अनुशासन टूटने नहीं दिया।

चूँकि इस संकलन में शामिल किये गये अधिकांश पत्र किसी न किसी राष्ट्रीय समाचारपत्र या अन्य किसी पत्र-पत्रिका में प्रकाशित हो चुके, तो स्वाभाविक है कि ये सम्पादकीय कसौटी पर खरे भी साबित हुए हैं, और हजारों पाठकों द्वारा पढ़े भी गए हैं। इन पत्रों में वह आग है, जो लोगों के भीतर समय -समय पर उत्पन्न होती है, और बुझा दी जाती है। यह आग लेखक के भीतर नहीं बुझती। वह लेखनी में उतर आती है, और आम लोगों की भावना की आवाज बनने का प्रयत्न करती है। नलिन खोईवाल के ये पत्र आवाज उठाते हैं। ये पत्र हमारे समय के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इन्हें पढ़ते हुए हमारी आँखें खुलती है। लेखक ने इन पत्रों को अपनी रोचक शैली में प्रस्तुत किया है, इसलिए पढते समय न तो गतिभंग होती है, और न ही ऊब पैदा होती है।

नलिन खोईवाल निरंतर लिख रहे हैं ।अच्छी बात यह है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है। उनके लेखन के कई आयाम हैं, जो आदमी की चिन्ता को बेहतर तरीके से अभिव्यक्त करते हैं। आशा की जानी चाहिए कि नलिन खोईवाल की पुस्तक ‘किस्मत कनेक्शन” का साहित्य जगत में स्वागत होगा, और यह लेखक फिर नई धार के साथ नई लेखमाला लेकर हमारे बीच आएगा।

नलिन खोईवाल
376-A, सुदामा नगर,स्कॉलर्स एकेडमी स्कूल के सामने,
इंदौर 452009 मध्यप्रदेश

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