रज़ा उत्सव की हुई शुरुआत कला के रंग में डूबे चित्रकार

रज़ा स्मृति की शुरुआत में सभी अतिथियों का स्वागत रज़ा फाउंडेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे व गजेंद्र सोनी ने किया। अतिथियों द्वारा कार्यशाला के कलाकार आशीष कछवाहा, शुभांशी कांसकार, गरिमा ताम्रकार और विक्रम प्रजापति का सम्मान किया गया। इस दौरान उदयन वाजपेयी द्वारा बच्चों के लिए ख़ास तौर से तैयार तैयार की गई “चित्र और रज़ा के चित्र” पुस्तक का विमोचन किया गया। इस पुस्तक को जुगनू प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गयाहै। इस पुस्तक के साथ रज़ा साहब के10 नायाब पेंटिंग के प्रिंट भी जारी किये गए है। इन पेंटिंग के बारे में ज्ञान वर्धक जानकारी का संकलन पुस्तक में किया गया है। “चित्र और रज़ा के चित्र” पुस्तक बच्चों को वितरित की गई। इस अवसर पर रज़ा फाउंडेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे ने कहा कि 95 साल तक रज़ा साहब ने नर्मदा और मंडला को अपने दिल मे रखा। अब पिछले 5 सालों में मंडलवासियों ने रज़ा साहब को अपने दिलो मे बसा लिया है।
स्वागत और पुस्तक के विमोचन के बाद अतिथियों ने गमले पेंट कर रज़ा उत्सव की शुरुआत की। बड़ी संख्या में बच्चों और गृहणियों ने भी रज़ा उत्सव में शिरकत कर पेंटिंग पर हाथ आज़माये। कुछ लोगों ने कैनवास पर अपनी कल्पना को साकार रूप दिया तो कुछ ने बिजना को आकर्षक रंगों से भर दिया। अनेक लोगों ने मिट्टी की विभिन्न चीज़े बनाना सीखी। कुछ ने गमलों में आकर्षक चित्रकारी की। रज़ा स्मृति में कोरोना काल की गाइड लाइन का पालन किया जा रहा है। रज़ा कला वीथिका में प्रवेश के पूर्व लोगों का थर्मल टेम्प्रेचर लिया जा रहा है। हाथों में सेनेटाइजर स्प्रे कर मास्क भी प्रदान किया जा रहा है।
रज़ा फाउंडेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे ने मंडला के कलाप्रेमियों से अपील की कि रज़ा स्मृति के दूसरे दिन गुरुवार को भी वे रज़ा कला वीथिका पहुंचकर चित्रकारी करें और रज़ा साहब को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें। इस दौरान पार्षद सारिका मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य अनीता तिवारी, निधि जयदत्त झा, मनोज द्विवेदी, दीपमणि खैरवार, रानू चंद्रौल, पुनीत नंदा सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे।



