सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे नगरवासी

जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता सिहोरा। जबलपुर महानगर में विगत कई वर्षों से चल रही सिहोरा जिले की मांग को लेकर नगर वासियों ने रविवार की शाम 5 बजे से पुराने बस स्टैंड से धरना प्रदर्शन कर शुरुआत कर दी गई हैं। इस जिले की मांग मुख्यमंत्री को फैक्स करके जल्द से जल्द सिहोरा को जिला का दर्जा दिया जाये इस प्रकार से प्रत्येक रविवार को शाम 5 बजे से रात्रि 7 बजे तक धरना प्रदर्शन जारी किया जायेगा और जब तक सिहोरा जिला नहीं बन जाता तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे । इन कारणों से वंचित रह गया सिहोरा जिला न बनना देखा जाये तो मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी घोषणाएँ चलती हुई,इसलिए जिला नही बना सिहोरा ,क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के पक्ष न रखने से जिला न बन सका सिहोरा ,मुख्यमंत्री ही हमारे पार्षद और विधायक, जिला हेतु सीधा संवाद,लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का जिला हेतु धरना ,सिहोरा बदलते मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी घोषणाएँ भी जाती रही,बदले परिवेश में स्थानीय जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष जिला सिहोरा का मुद्दा नही रखा,इसी के चलते राजपत्र जारी हो जाने के बाद भी 18 वर्ष के लंबे समय के बाद भी सिहोरा जिला अस्तित्व में न आ सका। उक्त बातें उठाते हुए धरनारत लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम फैक्स किया।सिहोरा को जिला बनाने की मांग कर रहे लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति के धरना रत सदस्यों ने पूर्व की प्रत्येक रविवार को धरना की घोषणा के अनुसार बस स्टैंड सिहोरा में शाम 5 से 7 बजे तक दो घंटे धरना प्रदर्शन किया।रखा अपना पक्ष समिति ने – अपने ज्ञापन में सिहोरा को जिला बनाने के पक्ष में कहा-1- 21 अक्टूबर 2001 को तत्कालीन सरकार के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सिहोरा में आकर सिहोरा जिला की घोषणा की। 2- 11 जुलाई 2003 को जिला सिहोरा के लिए सरकार द्वारा राजपत्र जारी किया गया। 3- 6 जून 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रही उमा भारती ने सिहोरा प्रवास के दौरान देवउठनी ग्यारस तक जिला बनने की पुनः घोषणा की थीं ।अब आगे क्या – समिति के धरनारत सदस्यों ने कहा कि वे इस हेतु संकल्पित है कि वे इसी सरकार के कार्यकाल में आचार संहिता लगने की तिथि जून 2023 के पूर्व सिहोरा को जिला के रूप में स्थापित करेंगे।इस हेतु वर्तमान में प्रत्येक रविवार धरना दिया जाएगा परंतु यदि सरकार द्वारा इस जनभावना के मुद्दे को राजनैतिक नजरिये से देखते हुए अनदेखा किया गया तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जा सकता है।मुख्यमंत्री से सीधा संवाद – चूँकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सिहोरा वासियो की भावनाओं को सही तरीके से सरकार के समक्ष आज तक नही रखा इसलिए अब मुख्यमंत्री को ही अपना क्षेत्रीय पार्षद,विधायक मानते हुए सिहोरा जिला से जुड़ी सिहोरा के आमजनों की भावनाओ को सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। रविवार को शाम 5 बजे धरने में विकास दुबे,सुशील जैन,आशीष तिवारी,सियोल जैन,नरेंद्र त्रिपाठी,सुनील जैन,अनिल जैन,प्रकाश मिश्रा,मानस तिवारी,अमित बक्शी,शशांक विश्वकर्मा, शुभम तिवारी,रवि दुबे,राजेन्द्र दुबे,सचिन पांडे,सुखदेव गौरव,संग्राम सिंह कर्चुली,प्रदीप प्यासी,शुभम दुबे सहित सैकड़ों सिहोरा वासी मौजूद रहे।



