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गाड़ासरई शराब दुकान से नाबालिगों को भी बेची जा रही शराब की बोतलें

नंदकिशोर ठाकुर,डिंडोरी ब्यूरो। मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में नई आबकारी नीति 2021 की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जहां शराब ठेकेदार आबकारी नीति को ना मानकर मनमानी पूर्वक शराब दुकानों का संचालन करवा रहा है। जिसे लेकर अब आबकारी विभाग पर मिलीभगत करके कार्यवाही ना करने के आरोप भी लग रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में शराब दुकान के अलावा भी गांव गांवों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जिसे रोकने विभागीय अमला नाकाम ही नजर आ रहा है। बताया गया कि राजस्व में बढ़ोतरी करने मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश भर में लगभग 7665 दुकाने खोलने का ठेका दे रखा है। सरकार को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपए का शासन के राजस्व में फायदा होगा। जानकारी अनुसार इस बार शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई थी, जिसमें उत्तम बोली के आधार पर शराब का ठेका दिया जाना सुनिश्चित किया गया था। इसी क्रम में डिंडोरी जिले के शराब ठेकेदार अनिल जयसवाल द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया में भाग लेकर जिले में शराब का ठेका एक बार फिर पुनः ले लिया गया है। लेकिन अब शराब ठेकेदार द्वारा आबकारी नीति का पालन न करते हुए मनमानी पूर्वक शराब दुकानों का संचालन करवा रहा है, जिसे लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

नई आबकारी नीति 2021 का नहीं हो रहा पालन – जारी नियमों के मुताबिक छोटे जिलों में अधिकतम तीन शराब दुकान खोलने को है, लेकिन डिंडोरी जिले में चार अंग्रेजी शराब दुकान धड़ल्ले से बिना रोक-टोक के चल रहे हैं। बताया गया कि एक शराब ठेकेदार को जिले में अधिकतम दो शराब दुकानों का ठेका देने के निर्देश हैं, लेकिन डिंडोरी जिले में एक शराब ठेकेदार कि दो से अधिक दुकानें धड़ल्ले से संचालित हो रही है। जानकारी अनुसार शराब कारोबारी अनिल जयसवाल के नाम पर तीन अंग्रेजी शराब दुकान संचालित है, जबकि एक शराब ठेकेदार को जिले में अधिकतम दो शराब दुकान ही आवंटित करने के निर्देश शासन हैं। लेकिन डिंडोरी जिले में एक ही शराब ठेकेदार को समनापुर, गाड़ासरई व करंजिया में शराब दुकान संचालित करने का ठेका शासन से प्राप्त है, जो सवालों के घेरे में है। गौरतलब है कि जिले में एक ही व्यक्ति विशेष द्वारा पिछले कई वर्षों से शराब का ठेका ले रहे हैं, रसूख के चलते गांव गांवों में शराब की बिक्री भी हो रही है। आबकारी विभाग पर मिलीभगत करके कार्यवाही ना करने के आरोप भी पिछले काफी समय से लगते आ रहे हैं। आबकारी आयुक्त के द्वारा जारी आदेश के मुताबिक सभी देसी व अंग्रेजी शराब बिक्री की कैश मेमो देना अनिवार्य कर दिया गया है, बावजूद दुकानदार शराब बिक्री की रसीद शराब प्रेमियों को नहीं दे रहे। जारी आदेश के अनुसार अगर यदि कोई ग्राहक कैश मैमो लेना नहीं चाहता तो दुकानदार ग्राहक के ना मांगने पर भी शराब बिक्री की रसीद अनिवार्य रूप से देने के आदेश हैं। लेकिन डिंडोरी जिले में शराब बिक्री की रसीद शराब दुकानदार नहीं दे रहे, और ऊंची कीमत में शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। बताया गया कि शराब दुकानदार निर्धारित मूल्य को दरकिनार करते हुए, मनमानी पूर्वक शराब की कीमतों का निर्धारण स्वयं कर लेते हैं, फिर ऊंची कीमतों पर शराब को बेचते हैं। जारी नियमों के मुताबिक 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शराब बिक्री पर प्रतिबंध है, साथ ही सार्वजनिक व बसाहट क्षेत्रों से शराब की दुकानें दूर खोलने के निर्देश हैं, लेकिन जिले में आबकारी नीति को ना मानकर शराब दुकानदार मिलीभगत करके मनमानी कर रहा है। मामले को लेकर समाजसेवियों व पार्टी नेताओं ने भी नाराजगी जाहिर कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर चुके हैं, बावजूद अभी तक इस ओर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है।

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