कुटकी उत्पादन तकनीकी का पंपलेट खा रहे धूल, समय पर नहीं किया गया प्रचार प्रसार

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी में ज्यादातर आदिवासी परिवार ही निवासरत है। बताया गया कि आदिवासी बाहुल्य इलाकों में शासन प्रशासन द्वारा कोदो कुटकी के उत्पादन व तकनीकी जानकारी देने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए गए थे। जहां उप संचालक किसान कल्याण डिंडोरी तथा कृषि विकास अधिकारियों द्वारा मिलीभगत करके प्रचार प्रसार कार्यक्रम को खानापूर्ति तक सीमित रखने के आरोप लग रहे हैं। बताया गया कि जिले में कृषि को बढ़ावा देने व उन्नत प्रजातियां के बीजों का उपयोग करने सहित भूमि की तैयारियां व कीटों से फसलों की सुरक्षा सहित अन्य विषयों को लेकर विभाग द्वारा कोई खास प्रचार-प्रसार नहीं किया जाता। यही कारण है कि आज भी जिले के अधिकतर किसान खेती किसानी से पिछड़े हुए हैं, तकनीकी उत्पादन के बारे में किसानों को सही जानकारियां ही नहीं मिल पा रही। एक तरफ आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र डिंडोरी मैं ज्यादातर परिवार आदिवासियों का है, जिन्हें खेती किसानी व उन्नत प्रजातियां के बीजों के उपयोग की जानकारी नहीं है। वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक जिम्मेदारों द्वारा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार नहीं किए जाते।
भवन हो चुका है जर्जर, खपरैल में उग आई है खरपतवार :- एक और शासन प्रशासन द्वारा लगातार पिछड़ी व अशिक्षित क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, ताकि किसानों को उन्नत खेती के बारे में जागरूक करते हुए उत्पादन क्षमता को बढ़ाई जा सके। वहीं दूसरी ओर विभागीय जिम्मेदार लोग ही शासन प्रशासन की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि कृषि विभाग के अधिकारियों की मनमानी आए दिन सामने आती ही रहती है, कृषि के क्षेत्र में बढ़ावा देने जिम्मेदार लोग कोई ठोस पहल नहीं कर रहे। बताया गया कि कृषि के क्षेत्र में उत्पादन व तकनीकी को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन द्वारा लाखों-करोड़ों रुपए खर्च करके उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूक करने पंपलेट बनाया गया है। बताया गया कि जिन पंपलेट का किसानों को जागरूक करने के लिए उपयोग की जानी थी, उन्हीं पंपलेट कचड़े की ढेर की तरह अव्यवस्थित रखे नजर आ रहे हैं। जिसे लेकर लोगों ने सवाल उठाते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों पर मनमानी करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की गई है।



