जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत रानीताल में भ्रष्टाचार में लिप्त सचिव व रोजगार सहायक कर रहे काली कमाई


मझौली दर्पण—– यह मामला जिला जबलपुर के जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत रानीताल का है जहां पर रोजगार के नाम पर व्यक्तियों को रोजगार तो दिया जाता है लेकिन एक व्यक्ति के दो-दो मनरेगा के जॉब कार्ड बनाकर उनका दुरुपयोग सचिव और रोजगार सहायक सचिव करते हैं जो कि शासन की राशि आती है वह एक व्यक्ति के दो जॉब कार्डों पर अलग-अलग राशियां नियमित उनके खाता मैं भेजी जाती है फिर सचिवों के द्वारा वह राशि निकाली जाती है जिससे कि ऐसे ही लगभग 10 से अधिक जॉब कार्ड ग्राम पंचायत रानीताल में बने हुए हैं जिसकी शिकायत जनपद पंचायत मझौली मैं दी गई तथा जिला पंचायत जबलपुर में भी इसकी शिकायत आवेदक द्वारा की गई फिर भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही मझौली जनपद के अंतर्गत यह एक मामला नहीं है ऐसे कई मामले जनपद पंचायत मझौली के अधिकारी के सामने आए लेकिन उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो मामले और भी बढ़ते जा रहे हैं तथा कई ग्राम पंचायतों में सचिव सहायक सचिव मनमानी कर रहे और मजदूरों का काम जेसीबी से भी कराया जा रहा है बहुत सी ग्राम पंचायतों में ऐसा लगता है कि भ्रष्टाचार चरम सीमा पर फल फूल रहा है प्रत्येक ग्राम पंचायतों में लेकिन अधिकारी मोन बैठे हुए हैं
शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि– ग्राम पंचायत रानीताल मैं पदस्थ ,भोजराज झारिया पिता कमलेश झारिया, ग्राम रोजगार सहायक सचिव जो वर्तमान में सचिव के पद पर कार्यरत है जिसके द्वारा मनरेगा के कार्यों में एक व्यक्ति के नाम पर दो दो जॉब कार्ड बना दिए गए और दोनों ही जॉब कार्ड के माध्यम से शासन की राशि निकाली जाती है तथा जो व्यक्ति काम पर भी नहीं जाते उनकी भी हाजरी भर दी जाती है और प्रधानमंत्री आवास योजना में भी उन्होंने लीपापोती की है शिकायतकर्ता राधारमण पिता राजेश व्यास द्वारा शिकायत जिला पंचायत कार्यालय जबलपुर में भी दी जा चुकी है और जनपद पंचायत मझौली में भी लेकिन कार्यवाही का आश्वासन तो मिला कार्यवाही नहीं की गई
, इनका कहना है,
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है ग्राम पंचायत रानीताल के लोगों द्वारा आवेदन दिया गया है इन सभी बिंदुओं पर में जांच के आदेश दे दिया हूं यदि जांच में दोषी पाए गए तो उचित कार्रवाई की जाएगी
मुख्य कार्यपालन अधिकारी मझौली
राजीव तिवारी
रिपोर्टर—–ओमप्रकाश साहू



