खास खबरडिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

प्रदेश का सबसे गरीब जिला डिंडोरी, सरकारी आंकड़ों में पुनः बरकरार

नंदकिशोर ठाकुर, डिंडोरी ब्यूरो। देश में मध्य-प्रदेश का आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी सरकारी आंकड़ों में अभी भी सबसे गरीब जिला ही बना हुआ है। फिलहाल नक्सलाइट सूची में शामिल होने के साथ-साथ जिले में अधिकतर आदिवासी क्षेत्र ही निवासरत है, जहां आज भी विकास के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं है। आदिवासी इलाकों सहित बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के लाभ पहुंचने सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने लोगों को मशक्कत करनी पड़ रही है। गौरतलब है कि मुख्यालय के दूरस्थ इलाकों सहित बैगा आदिवासी क्षेत्रों में प्रचार प्रसार के नाम पर करोड़ों रुपए लुटाने के बाद भी सरकारी आंकड़ों में कोई तब्दील नहीं हो पाई है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के अधिकतर गांव अशिक्षा व जन जागरूकता की कमी वाले गांवों शामिल हैं। जहां गांव-गांवों में सक्रिय दलालों की कमिशन खोरी क्षेत्र में हमेशा से वाही रही है। बताया गया कि शासन प्रशासन के द्वारा आदिवासी क्षेत्रों के लिए विशेष योजनाएं लाती है, आदिवासी समाज को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारी भरकम वित्तीय व्यवस्था भी खर्च किए जाते है। बावजूद डिंडोरी जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों सहित बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में हालात आज भी जस के तस नजर आ रहे हैं। हालातों को देख सहजता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी आंकड़े और जमीनी हकीकत क्या कह रहे हैं। मध्य प्रदेश के सबसे पिछड़ी व गरीब जिलों में शामिल डिंडोरी जिला आज भी गरीब के गरीब बना हुआ है। जबकि हर वर्ष प्रचार प्रसार करने करोड़ों रुपए लुटाए जा रहे हैं, जो कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page