अधिकांश क्रेशर संचालक शासन के नियमों का नहीं करते पालन

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले भर में वैसे तो शासन के रिकार्ड में दो दर्जन से ज्यादा क्रेशर संचालित हो रहे हैं, जहां अधिकांश क्रेशर संचालक मालिक नियमों को ना मानकर मनमानी कर रहे हैं। गौरतलब है कि जिले भर में अवैध पत्थरों के खदानों से खनन करके माफिया प्राकृतिक संपदा की लूट जमकर कर रहे हैं। बताया गया कि अवैध खनन से जिले भर में अवैध पत्थरों के खदान संचालित हो रहे हैं, जहां चिन्हित ठिकानों पर खाई नुमा गड्ढे बन गए हैं, जहां खतरे की आशंका बनी रहती है। ताजा मामला जनपद पंचायत करंजिया अंतर्गत आने वाले वन ग्राम बरेंडा में अवैध रूप से क्रेशर का संचालन हो रहा है। मामले को लेकर बरेंडा के लोगों का कहना है कि 2017 -18 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण होना था, जिसके लिए क्रेशर लगाया गया और सड़क साल भर के अन्दर बना दी गई थी। जानकारी में बताया गया कि सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद भी क्रेशर अपनी जगह पर आज तक लगा हुआ है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रेशर संचालक पूरे क्षेत्र में महंगे दामों पर गिट्टी बेच रहे हैं, जिसकी रॉयल्टी भी लोगों को नहीं दी जाती। क्रेशर संचालक के द्वारा लगभग 3 वर्षों से बिना रॉयल्टी के गिट्टी आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई कर रहे हैं। क्रेशर संचालकों ने जमीन पर लीज ली है, उसका किराया भी सही समय पर नहीं दिया जाता। ग्राम के लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि मामले को लेकर अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध क्रेशर का संचालन हो रहा है। बरेंडा निवासी पवन उरेती ने बताया कि हम लोगों ने क्रेशर बन्द करने कई बार क्रेशर मालिक को कहा पर मना करने के बाद भी कोई ध्यान नही दे रहा है। उनका कहना है कि हमारा घर क्रेशर के पास है और यहाँ दिनभर क्रेशर चलता है, जिसकी धूल से हमको परेशानी होती है। अवैध क्रेशर संचालित होने से हमारी खेती में भी असर पड़ रहा है, पर इन सब बातों को अनदेखा कर क्रेशर संचालक द्वारा बिना किसी डर के क्रेशर चला रहा हैं। मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्यवाही नहीं हो रही।



