करोड़ों के बिल्डिगं निर्माण कार्य में गुणवत्ता का नहीं रखा जा रहा ध्यान

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के शहपुरा में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार पैसा को पानी की तरह बहा रही है, तो वहीं अधिकारियों की लापरवाही से निर्माण कार्यों में मनमानी हावी है। ताजा मामला पिछले दिनों शहपुरा में बन रहे नवीन आईटीआई भवन में देखने को आया, जहां पर अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण भवन को गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। गौरतलब है कि मामले को लेकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व काजल जावला मौके पर पहुंची और घटिया निर्माण कार्य को रूकवाया साथ ही भवन में लग रही ईटों की तत्काल जांच भी करवाया गया है। बताया गया कि जांच में ईट की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई, जिसके बाद एसडीएम काजल जावला ने मौके पर ही घटिया ईटो से बनी चार दीवारों को तुड़वा दिया, साथ ही कार्य को गुणवत्ता युक्त करने के लिए निर्देशित किया है। जानकारी अनुसार आगामी दिनों में गुणवत्ताहीन कार्य करने पर सख्त कार्यवाही करने की हिदायत भी ठेकेदार को दी गई है।
ढाई करोड़ की लागत से बन रहा है शासकीय भवन :-मिली जानकारी अनुसार कुछ महीने पहले स्थानीय सांसद व केन्द्रीय राज्य मंत्री फगगन सिंह कुलस्ते सहित क्षेत्रीय विधायक भूपेन्द्र सिंह मरावी के द्वारा ढ़ाई करोड़ की लागत से बनने वाले नवीन आईटीआई भवन का उद्घाटन किया था। साथ ही जिसमें एक वर्कशाप और अन्य कुछ थ्योरी कक्ष का निर्माण कार्य चल रहा है,भूमि पूजन के दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री फगगन सिंह कुलस्ते मौके पर मौजूद रहे। पीआईयू विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया था कि पूरा कार्य गुणवत्ता के साथ किया जावे, परन्तू अभी हाल में चल रहे कार्य को देखकर प्रतीत होता है गुणवत्ता का कही दूर दूर तक नाता नहीं है। शिकायत के बाद एसडीएम शहपुरा काजल जावला ने तत्काल मौके पर जाकर निरीक्षण करते हुए तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। मौके पर मिले पीआईयू विभाग के एसडीओ अशोक जोशी से इस पूरे मामले में जानकारी जानना चाहा तो वे पूरे मामले में अपना पल्ला झाड़ते नजर आये। मामले को लेकर स्थानीय विधायक भूपेंद्र मरावी ने भवन की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने का दावा करते हुए, खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करने की बात कही है। साथ ही पूरे भवन की कार्य को गुणवत्ता युक्त निर्माण कार्य करवाने की बात कही है।



