रिश्वतखोर नायब तहसीलदार को सुनाई सजा

दमोह। न्यायालय विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम दमोह ने आरोपी प्रभाकर गर्ग उम्र 57 वर्ष पिता लोकमान्य प्रसाद गर्ग निवासी ग्राम बरतरा, तहसील सिहोरा जिला जबलपुर व राजू बाबू उर्फ मोहम्मद अली उम्र 43 वर्ष, पिता- सुल्तान अली निवासी पावर हाउस के पास वार्ड नंबर 10 तेंदूखेड़ा जिला दमोह को फैसला कर सजा सुनाई है। एडीपीओ सतीश कपस्या ने बताया कि आरोपी प्रभाकर गर्ग को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10000 रूपये जुर्माना एवं धारा 13(1)(डी), 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मे 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20000 जुर्माना एवं आरोपी राजू बाबू उर्फ मोहम्मद अली को धारा 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रूपये जुर्माना किया है।
जानकारी के अनुसार बताया गया है कि घटना दिनांक 16 नम्बवर 2013 को आवेदक खेमचंद्र कुर्मी पिता शिवचरण कुर्मी निवासी ग्राम सर्रा तहसील तेंदूखेड़ा जिला दमोह ने एक लिखित आवेदन पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसके अनुसार ग्राम सर्रा मे आवेदक के पिता के नाम से पैतृक जमीन करीबन 6 एकड़ के बटवारा हेतु नायब तहसीलदार तेंदूखेड़ा न्यायालय में आवेदन करीब 2 वर्ष पूर्व प्रस्तुत किया था। उक्त प्रकरण प्रभाकर गर्ग नायब तहसीलदार तेंदूखेड़ा के न्यायालय में विचाराधीन था, जिसमें सुनवाई पूर्ण हो चुकी थी। आदेश करना शेष था, बंटवारे के प्रकरण में नायब तहसीलदार आदेश करने हेतु 20000 रिश्वत की मांग की। जिसको आवेदक खेमचंद्र आरोपी नायब तहसीलदार प्रभाकर गर्ग को नहीं देना चाहता था एवं रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ वाना चाहता था, रिश्वत मांग के संबंध में आवेदक द्वारा लोकायुक्त कार्यालय में आरोपी नायब तहसीलदार प्रभाकर गर्ग के विरुद्ध शिकायत की। जिस पर शिकायत के सत्यापन के उपरांत लोकायुक्त पुलिस सागर के द्वारा आरोपी प्रभाकर गर्ग द्वारा 5500 रिश्वत लेते हुए दिनांक 19 अक्टूबर 2013 को रंगे हाथों पकड़ा गया और संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र आरोपी गणों के विरुद्ध माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में आई साक्ष्य एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों एवं साक्ष्यों एवं अभियोजन के द्वारा प्रकरण में की गई। सशक्त पैरवी से सहमत होते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी प्रभाकर गर्ग को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मे 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10000 जुर्माना एवं धारा 13 (1)(d), एवं धारा13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20000 जुर्माना एवं आरोपी राजू बाबू को धारा 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹5000 जुर्माना से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी उमेश सोनी द्वारा की गई।



