डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

गोरखपुर मुख्य मार्ग से ठाकुर देव तक बने ग्रेवल सड़क मार्ग के उड़े परखच्चे

नियमों को दरकिनार करके करवा दिया निर्माण कार्य और हड़प ली लाखों की राशि

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के जनपद पंचायत बजाग अंतर्गत ग्राम पंचायत बजाग माल में भ्रष्टाचार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप लगाया गया कि सरपंच, सचिव के काले कारनामें सामने आते ही रहते हैं। बताया गया कि ग्राम पंचायत बजाग माल में एक वर्ष पूर्व बनी गोरखपुर रोड़ से ठाकुर देव तक बनी ग्रेवल सड़क मार्ग के एक ही वर्ष में परखच्चे उड़ गए, जबकि उक्त घटिया सड़क मार्ग पर शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। पंचायत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ न तो रिकवरी हुई और न ही आधी, अधूरी सड़क को पूरा किया जा रहा, जबकि अधूरी सड़क मार्ग के सीसी भी जारी कर दि गई। वहीं दूसरी ओर शांति धाम से कुकरिया मार्ग पर एक और ग्रेवल सड़क बन रही है, जिसमें भी कोई भी गुणवत्ता नहीं है। गौरतलब है कि सिर्फ अवैध खनन करके मुरूम और बजरी बिछाकर शासकीय राशियों को निपटाने के जुगत में पंचायत के जिम्मेदार लोग लगें हैं। जबकि उक्त मार्गों के निर्माण कार्य के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई है। स्थानीय लोगों की माने तो विभागीय उच्चाधिकारियों की सांठगांठ के चलते ग्राम पंचायत बजाग माल के सचिव, सरपंच मनमाने ढंग से अपने पदों का दुरूपयोग कर रहे हैं।

मुरूम बिछाकर निकाल ली पंद्रह लाख रूपए की राशि

बताया गया कि 15 लाख से भी अधिक की राशि सिर्फ मुरूम बिछाकर आहरण कर ली, जबकि उस रोड़ के परखच्चे उड़ चुके हैं। जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो चुकी ग्रेवल सड़क आज भी बजाग माल के सरपंच, सचिव के भ्रष्टाचार की चश्मदीद गवाह है। इसी तरह शाला तक की 13 लाख की लागत की सड़क सिर्फ कागजों में बनाई गई है, जहां लगभग 13 लाख की राशि आहरण की जा चुकी है। ग्राम पंचायत बजाग माल के सचिव सरपंच लगातार भ्रष्टाचार कर रहे हैं, उच्च अधिकारियों की शह पर अवैध रूप से निर्माण और मनमानी राशि आहरण के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई ना होने से पंचायत में भ्रष्टाचार चरम सीमा में पहुंच गई है। ग्राम पंचायत बजाग माल में गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा, जबकि लोग कच्ची मकान व झुग्गी-झोपड़ी में आज भी रह रहे हैं, उन्हें पहले प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए। आज भी गरीबों के मकान झुग्गी झोपड़ियों में तब्दील है, ग्राम पंचायतों के चक्कर लगाते लोग आज भी देखें जा सकते है। ग्राम पंचायत के सहायक सचिव के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि मुहैया कराने के लिए पैसे की मांग भी की जाती है, पैसे देने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। क्षेत्र में अशिक्षित होने के चलते वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है, जिसका पूरा फायदा ग्राम पंचायत के नुमाइंदों उठा रहे हैं।

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