नये साल का तोहफा शराब सस्ती और बिजली महंगी क्यों: कांग्रेस

जबलपुर दर्पण। सरकार ने शराब की बिक्री एवं डिमांड बढ़ाने के उद्देश्य कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया कि शराब में ड्यूटी कम की जावेगी जब प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस से स्थानीय करों में कमी की मांग निरंतर हो रही थी लेकिन सरकार की प्राथमिकता शराब सस्ती करने की रही वह कभी नहीं चाहती कि पेट्रोल डीजल रसोई गैस सस्ती हो उल्टे सरकार ने आम जनों को महंगाई से उभारने की जगह घरेलू बिजली के साथ-साथ औद्योगिक एवं कृषि में उपयोग उपयोगी बिजली की दर में वृद्धि करने जा रही है। प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा की मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को आज एक बार फिर ठेंगा दिखाया है, आज मंज़ूर की गयी आबकारी नीति से एक बार फिर शिवराज सरकार का शराब प्रेम उजागर हुआ है। जहां एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी की निरंतर मांग कर रही है , उसको लेकर उन्होंने 15 जनवरी से लट्ठ लेकर सड़क पर उतरने की घोषणा भी की थी, लेकिन उनकी मांग को मानने की बजाय शिवराज सरकार ने उनको खुली चुनौती देते हुए आज केबिनेट में प्रदेश में शराब के व्यवसाय को बढ़ाने वाले और प्रोत्साहित करने वाले निर्णय लिए। नई आबकारी नीति में अब प्रदेश में अंग्रेजी शराब सस्ती होगी , अंग्रेजी शराब की ड्यूटी में कमी की गई है , इससे शराब की बिक्री व डिमांड बढ़ेगी। सरकार तो पहले से ही चाहती है कि हर व्यक्ति शराब पीकर मदहोश रहे, ताकि उसका विकास कार्यों , शिवराज सरकार के झूठ और झूठी घोषणाओं पर पर ध्यान ना जाये।



