15 वर्ष पूर्व बना स्वर्गीय मस्तराम चौहान बस स्टैंड को किसका इंतजार

अधिकारी बैठे मौन, संचालन नहीं करा पाए चालू
जबलपुर दर्पण। निर्माण के लगभग 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी नहीं हो रहा बसों का संचालन पाटन विधानसभा की तहसील मझौली में वर्ष 2006 में स्वर्गीय मस्तराम चौहान बस स्टैंड का निर्माण कराया गया था ज्ञात हो कि यह भूमि रामसेवक चौहान एवं विजय चौहान के द्वारा लगभग 25 डिसमिल भूमि नगर परिषद को दान में दी गई थी जिससे कि मझौली में बस स्टैंड का निर्माण हो सके एवं बसों का संचालन सुचारू रूप से हो सके दान दी गई भूमि पर बस स्टैंड तो बनाया गया जिसमें की जनता की मेहनत की कमाई के 13 लाख रुपए खर्च किए गए परंतु निर्माण होने के लगभग 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी बस ऑपरेटरों की मनमानी के कारण एवं शासन प्रशासन के सुस्त रवैये कारण आज भी बस स्टैंड से बसों का संचालन नहीं हो रहा है बस स्टैंड के लिए बनाई गई बिल्डिंग की ऐसी दुर्दशा है कि चारों तरफ दरारें पड़ गई है एवं बिल्डिंग जर्जर अवस्था में हो चुकी है बस स्टैंड में बनाया गया प्रतिक्षालय शराबियों के लिए शराब पीने का अड्डा बन गया है जिसके चारों ओर शराब की बोतलें पानी के पाउच पढ़े हुए हैं एवं गंदगी का अंबार लगा हुआ है स्थानीय दुकानदारों के द्वारा कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से उच्च अधिकारियों को बार-बार आवेदन किया गया कि उक्त बस स्टैंड से बसों का संचालन किया जाए जिससे कि उनके रोजगार में बढ़ोतरी हो सके परंतु दुकानदारों को केवल उच्चाधिकारियों के द्वारा आश्वासन ही प्राप्त होता रहा है ना ही आज दिनांक तक किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं गया इस बस स्टैंड को चालू कराने के लिए आखिर कब तक ऐसा खेल चलता रहेगा नगर मझौली में वहां से बसों का संचालन नियमित रूप नहीं हो रहा है शासन को यह समझना होगा कि इस बस स्टैंड के निर्माण में जो भी रुपया खर्च किया गया है वह आम जनता की मेहनत का पैसा है और इस प्रकार से उनकी मेहनत की पैसों का दुरुपयोग करना बहुत ही अनुचित है स्थानीय दुकानदार सतीश चौरसिया शकील भाई जान लाला सोनी दिनेश कांत चौबे मुन्ना भाई जान आदि लोगों का कहना है कि बस स्टैंड से बसों का संचालन शुरू कराया जाए।



