रानी अवंती बाई सागर परियोजना के उपयंत्री व एसडीओ से लेकर सारे अधिकारी भ्रष्ट हो तो कैसे प्रधानमंत्री श्री मोदी का सपना पूरा हो

“मन की बात” में प्रधानमंत्री श्री मोदी का युवाओं से आह्वान:भ्रष्टाचार के दीमक को खत्म करें
जबलपुर दर्पण नगर संवाददाता पाटन। बरगी बांध का निर्माण कार्य 80 के दशक में किया गया था जिससे बरगी बांध जबलपुर व आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति का प्रमुख स्रोत बना। बरगी डायवर्शन प्रोजेक्ट व रानी अवंती बाई सागर प्रोजेक्ट दोनों ही परियोजनाएं किसानों के हित के लिए हैं। परंतु विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से यह परियोजना किसानों के लिए नासूर बन गई है। बरगी बांध की नहरो में हो रही टूट-फूट एवं रखरखाव मेंटेनेंस में की जा रही लापरवाही से होने वाली परेशानी किसानों की चिंता बढ़ा देती है। सरकार के द्वारा नहरो के मेंटेनेंस व रखरखाव के लिए एवं नई नहरों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपए का फंड विभाग को दिया जाता है। जिससे क्षेत्र में किसानी कर रहे किसानों को इसका सीधा लाभ मिले। लेकिन विभाग में कई वर्षों से जमे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से सरकार के मंसूबों पर पानी फिर रहा है। ऐसा ही एक मामला पाटन तहसील के अंतर्गत ग्राम खेरी उजरोड से उड़ना की ओर बन रही नहर निर्माण कार्य में देखने को मिला। जहा पर सब मायनर (छोटी नहर) का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसकी कंक्रीट की थिकनेस 6 सेंटीमीटर आप मान ले 2.40″ इंच उपयंत्री के द्वारा बताई गई जब साईड पर चैक किया गया तो कंक्रीट की थिकनेस 1 इंच के आसपास आई संबंधित ठेकेदार के द्वारा नहर निर्माण कार्य घटिया किया जा रहा है। उपयंत्री जीपी चडार के द्वारा ठेकेदार का बचाव करते हुए यह कह दिया कि कंक्रीट की ढलाई 6 सेंटीमीटर ही हो रही है। मैं रोज साईड पर जाता हूं मुझे कहीं पर भी लापरवाही नहीं दिखी जब इस संबंध में ठेकेदार से बात की गई तो ठेकेदार के द्वारा बताया गया मेरे द्वारा काम 20 परसेंट बिलो पर लिया गया है। एवं विभाग को भी 33% कमीशन देना पड़ता है। हा मेरे द्वारा 1″ इंच कंक्रीट की ढलाई की गई है। नहरो का निर्माण कार्य ऐसा ही किया जाता है। जिससे जहां पर भी शिकायत करना है। आप कर दें हमें कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद जब विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एसडीओ पवन खत्री से बात की गई तो उनके द्वारा बात को सुना गया और जैसे ही उनको बताया गया नहर में कंक्रीट की ढलाई 6 सेंटीमीटर की जगह 1″ इंच के आस-पास हो रही है। साहब भी भड़क गए उनका कहना था यार उपयंत्री से बात कर लो अरे साहब जब उपयंत्री मेरी बात सुन लेते तो में आपको क्यों फोन करता “मानो साहब की दुखती रग पर हाथ धर दिया हो” बरहाल किसानों के हित को देखते हुए उक्त नहर निर्माण कार्य चल रहा है उसकी जिला कलेक्टर के द्वारा जांच की जानी चाहिए और संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारी जिनके द्वारा यह लापरवाही करने की खुली छूट ठेकेदार को दी जा रही है। उन पर सख्त कार्रवाई हो जिससे भविष्य में किसानों को आने वाली परेशानी से बचाया जा सके



